अंकिता भंडारी हत्याकांड : हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, 17 नवंबर को होगी अंतिम सुनवाई

नैनीताल। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। नैनीताल हाईकोर्ट ने बुधवार को इस मामले में मुख्य आरोपी पुलकित आर्या और उसके साथी सौरभ भास्कर की याचिकाओं पर सुनवाई की। दोनों ने कोटद्वार की अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को चुनौती दी थी।

मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सरकार और अन्य पक्षों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन पक्षकारों को अभी तक निचली अदालत के दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं, उन्हें जल्द उपलब्ध कराया जाए ताकि मामले की अगली सुनवाई समय पर पूरी की जा सके।

अदालत ने अब मामले की अंतिम सुनवाई 17 नवंबर 2025 को तय की है।

क्या कहा सरकार की ओर से

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज उच्च न्यायालय में जमा कर दिए गए हैं। अभियोजन पक्ष ने कहा कि दोष सिद्धि के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं — जिनमें लोकेशन डाटा, फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी साक्ष्य और अंकिता के व्हाट्सएप चैट शामिल हैं।

सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि घटना की रात आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल के आसपास पाई गई थी। साथ ही, उन्होंने रिसॉर्ट के सीसीटीवी कैमरे बंद कराए और डीवीआर में छेड़छाड़ की।

क्या बोले आरोपी पक्ष

आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद नहीं है और अदालत ने परोक्ष साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई है। बचाव पक्ष ने सजा को रद्द किए जाने की मांग की।

अंकिता भंडारी हत्याकांड — पृष्ठभूमि

सितंबर 2022 में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी, जो यमकेश्वर क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत थी, की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
मुख्य आरोपी पुलकित आर्या, जो रिसॉर्ट का मालिक और पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्या का बेटा है, पर अंकिता पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बनाने के आरोप लगे थे।

अंकिता के लापता होने के कुछ दिन बाद उसका शव ऋषिकेश के चीला नहर से बरामद हुआ था।
जांच में पुलकित आर्या, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या का दोषी पाया गया।

प्रदेशभर में उठी थी न्याय की मांग

अंकिता की हत्या के बाद उत्तराखंड के हर जिले में जन आंदोलन भड़क उठा था। हजारों लोग सड़कों पर उतरे और न्याय की मांग की।
इस घटना के बाद भाजपा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलकित आर्या के पिता विनोद आर्या और भाई अंकित आर्या को सभी पदों से हटा दिया और पार्टी से निलंबित कर दिया था।

निचली अदालत का फैसला

30 मई 2025 को कोटद्वार के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने विस्तृत सुनवाई के बाद 47 गवाहों की गवाही के आधार पर पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
अब हाईकोर्ट में इन्हीं दोषियों ने इस सजा को चुनौती दी है।

अगली सुनवाई की तारीख

हाईकोर्ट ने मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 17 नवंबर 2025 की तिथि तय की है। तब तक दोषियों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी गई है।

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