मुख्यमंत्री धामी का जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश: जनसेवाओं में तेजी, सड़क मरम्मत, पेयजल और वनाग्नि नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाए
देहरादून, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने जनपदों में जनसेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, सड़कों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति बनाए रखने और वन अग्नि पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर कड़े निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:
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जनसेवा डिलीवरी में सुधार:
मुख्यमंत्री ने पब्लिक सर्विस डिलीवरी को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि आम जन की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जनता दरबार, तहसील दिवस, बीडीसी बैठकें और ब्लॉक स्तर पर बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए। -
सड़कों की मरम्मत:
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आगामी 15 दिनों में उनके जनपद की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया जाए। साथ ही, चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्गों की नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण भी किया जाए। -
पेयजल और विद्युत आपूर्ति:
गर्मियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। आवश्यकतानुसार पेयजल टैंकरों की पूर्व व्यवस्था रखी जाए। साथ ही विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं। -
वन अग्नि पर नियंत्रण:
मुख्यमंत्री ने वनाग्नि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, रिस्पांस टाइम को न्यूनतम करने के निर्देश दिए और कहा कि वन विभाग एवं जिलाधिकारी मिलकर तेजी से कार्रवाई करें। -
अतिक्रमण एवं खाद्य सुरक्षा:
अतिक्रमण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाने और जनपदों में खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग करने के भी निर्देश दिए गए ताकि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। -
रिवर ड्रेजिंग और नालों की सफाई:
बरसात से पूर्व रिवर ड्रेजिंग और नालों की सफाई का कार्य समय से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। -
कार्मिकों के स्थानांतरण:
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि एक ही स्थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से तैनात कार्मिकों का शीघ्र ट्रांसफर किया जाए। -
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ:
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए योजनाओं का प्रचार-प्रसार और लाभ वितरण में कोई कोताही न बरती जाए।