गर्मियों में पानी की किल्लत से बचने के लिए कदम, पेयजल सचिव ने दिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश
गर्मियों में पानी की कमी को लेकर उत्तराखंड के पेयजल सचिव शैलेश बगौली ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने राज्यभर में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। खासतौर पर उन्होंने प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम स्थापित करने, पेयजल टैंकरों में GPS लगाने, और चारधाम यात्रा के दौरान पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध करने के आदेश दिए हैं।
कंट्रोल रूम की स्थापना: पेयजल की समस्याओं का त्वरित समाधान
शैलेश बगौली ने प्रत्येक जिले में एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, जो पेयजल से संबंधित शिकायतों को प्राप्त करेगा और उनका त्वरित समाधान करेगा। यह कंट्रोल रूम कॉल सेंटर के रूप में कार्य करेगा, जहां जल संस्थान और जल निगम के सहायक अभियंता को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से लीकेज, पानी की किल्लत और अन्य पेयजल समस्याओं की निगरानी की जाएगी और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
पेयजल टैंकरों में GPS लगाने की योजना: जलापूर्ति की निगरानी
पेयजल सचिव ने निर्देश दिया कि सभी पेयजल टैंकरों में GPS सिस्टम लगाया जाए, ताकि जलापूर्ति के रास्ते और स्थिति की निगरानी की जा सके। इसके साथ ही, टैंकरों की नियमित सफाई की व्यवस्था करने का भी आदेश दिया गया है, ताकि पानी की गुणवत्ता बनी रहे और किसी भी प्रकार की कमी से बचा जा सके। सचिव ने अधिकारियों से यह भी कहा कि पर्याप्त संख्या में टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि गर्मियों के दौरान जलापूर्ति में कोई बाधा न आए।
पानी की बर्बादी और लीकेज का समाधान: विशेष अभियान की योजना
बैठक में पेयजल सचिव ने पानी की बर्बादी और पाइपलाइन में होने वाली लीकेज की समस्या को गंभीरता से लिया। इसके समाधान के लिए 1 अप्रैल से 15 दिनों का एक विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया है। इस अभियान के तहत जल आपूर्ति प्रणाली में सुधार और लीकेज को ठीक करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, ताकि पानी की बर्बादी को रोका जा सके और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।
चारधाम यात्रा के दौरान पानी की विशेष व्यवस्था
उत्तराखंड में हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आते हैं। इस दौरान जलापूर्ति की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। पेयजल सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर स्थित चलित स्टैंड पोस्ट, जल टंकियों और वाटर एटीएम की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रा के दौरान यात्रियों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो, ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
पेयजल सचिव के इन निर्देशों से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार गर्मियों में पेयजल की उपलब्धता को लेकर पूरी तरह सजग है और किसी भी प्रकार की जल संकट से बचने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। कंट्रोल रूम की स्थापना, टैंकरों में GPS की व्यवस्था, और विशेष अभियान के माध्यम से जलापूर्ति की निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, चारधाम यात्रा के दौरान पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकता है।