जोशीमठ: नीती घाटी में अंधकार, बिजली विभाग की अनसुनी

जोशीमठ, उत्तराखंड: जोशीमठ घाटी, जो उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, पिछले 5 दिनों से अंधेरे में डूबी हुई है। बिजली की आपूर्ति ठप होने के कारण इस क्षेत्र में घना अंधकार पसरा हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग को बार-बार सूचित करने के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला जा सका है, जिससे लोगों में गहरी चिंता और निराशा का माहौल है।

मुख्य बिन्दु:

  • जोशीमठ के सूकी भलागाव क्षेत्र में 5 दिनों से बिजली की आपूर्ति ठप
  • नीती घाटी और आसपास के क्षेत्रों में अंधकार की स्थिति
  • बिजली विभाग की अनसुनी, कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए
  • बारिश और बर्फबारी के कारण क्षेत्र में मुश्किलें बढ़ी
  • स्थानीय निवासी और व्यापारी काफी परेशान हैं

बिजली न होने से जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव:

बिजली के बिना, जोशीमठ और इसके आसपास के इलाके पूरी तरह से अंधेरे में डूब गए हैं। इस अंधेरे के कारण न केवल आम जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि कई आवश्यक सेवाएं भी बाधित हो गई हैं। स्वास्थ्य सेवाएं, पानी की आपूर्ति, और संचार नेटवर्क पर प्रतिकूल असर पड़ा है। जोशीमठ के नागरिकों का कहना है कि वे इस संकट से जूझते हुए बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।

“अंधेरे में रात गुजारना बहुत मुश्किल हो रहा है, खासकर बर्फबारी और बारिश के दौरान जब ठंड भी बढ़ जाती है। बिजली न होने के कारण घरों में अंधेरा रहता है, जिससे छोटे-छोटे काम भी प्रभावित हो रहे हैं। हम अपने बच्चों को ठीक से सोने नहीं दे पा रहे हैं, और दैनिक जीवन के जरूरी कार्य भी बाधित हो गए हैं,” एक स्थानीय निवासी ने अपनी परेशानी का हवाला देते हुए कहा।

पर्यटकों के लिए भी बढ़ी मुश्किलें:

जोशीमठ और नीती घाटी मुख्य रूप से पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन बिजली संकट ने यहाँ आने वाले पर्यटकों को भी प्रभावित किया है। अंधेरे के कारण पर्यटकों को अपने आवास स्थल पर सुरक्षा और सुविधा में समस्या हो रही है। इसके साथ ही, रात्रि को आवश्यक सेवाएं जैसे कि रात्रि भोजन, स्ट्रीट लाइट्स, और अन्य बेसिक सुविधाओं का अभाव है।

क्षेत्रीय आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित:

बिजली की आपूर्ति न होने से न केवल आम जीवन में समस्या उत्पन्न हो रही है, बल्कि आपातकालीन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अस्पतालों में रोगियों के इलाज के लिए आवश्यक उपकरणों का संचालन बंद है, और पानी की आपूर्ति के लिए पंपिंग सिस्टम भी ठप पड़ा है। संचार व्यवस्था भी बाधित हो गई है, जिससे बाहरी संपर्क करना भी मुश्किल हो गया है। इस सबके बावजूद, बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए निराशाजनक है।

स्थानीय निवासियों की अपील:

स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग से इस समस्या के समाधान के लिए निवेदन किया है, लेकिन विभाग ने कोई सशक्त कदम नहीं उठाया है। “हमारा जीवन अंधकार में सिमट कर रह गया है। बारिश और बर्फबारी के साथ बिजली न होना एक और बड़ी समस्या बन गई है। हम सरकार और बिजली विभाग से अपील करते हैं कि जल्द से जल्द इस संकट का समाधान निकाला जाए ताकि हम आराम से अपनी ज़िंदगी जी सकें,” एक अन्य निवासी ने बताया।

जोशीमठ के सूकी भलागाव और तोलमा लोंग फागती जैसे क्षेत्र विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं, और यहां के निवासी बिजली विभाग से इन इलाकों में तत्काल ध्यान देने की अपील कर रहे हैं। ये क्षेत्र न केवल स्थानीय निवासियों के लिए, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण हैं, और इन क्षेत्रों में बिजली संकट का समाधान तुरंत किया जाना चाहिए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

https://www.breaknwaves.com/jet_skis_boat_rentals.html