चमोली में जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को बर्खास्त, डीएम को प्रशासक की जिम्मेदारी
उत्तराखंड के चमोली जिले से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक खबर सामने आई है, जहां जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को प्रशासक के पद से हटा दिया गया है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत अब चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी को जिला पंचायत का नया प्रशासक नियुक्त किया गया है। यह बदलाव उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि रजनी भंडारी के पति और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी को इससे पहले बीजेपी में शामिल होने के बाद एक बड़ा झटका लग चुका था।
रजनी भंडारी की बर्खास्तगी: एक राजनीतिक झटका
सूत्रों के अनुसार, रजनी भंडारी को राज्य सरकार द्वारा बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत उन्हें जिला पंचायत प्रशासक के पद से हटा दिया गया है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी को अब यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। सचिव पंचायतीराज चंद्रेश यादव ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए हैं। रजनी भंडारी को हटाने से न केवल उनके राजनीतिक करियर को धक्का लगा है, बल्कि इससे उनके पति और पूर्व कांग्रेस नेता, अब बीजेपी सदस्य राजेंद्र भंडारी की स्थिति भी प्रभावित हुई है।
राजेंद्र भंडारी का बीजेपी में शामिल होना और उसके बाद की घटनाएँ
गौरतलब है कि राजेंद्र भंडारी ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया था। इस कदम के बाद, उनकी विधायक की कुर्सी भी चली गई थी, और उन्हें कांग्रेस के प्रत्याशी बुटोला ने उपचुनाव में हराकर राजनीति में एक और बड़ा झटका दिया था। अब उनकी पत्नी, रजनी भंडारी का भी जिला पंचायत प्रशासक के पद से हटना, उनके राजनीतिक भविष्य के लिए एक और कड़ा संकेत हो सकता है।
राजनीतिक अस्थिरता और आगामी चुनावों पर असर
उत्तराखंड में राजनीतिक अस्थिरता का यह दौर पार्टी नेताओं के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। रजनी भंडारी की बर्खास्तगी और राजेंद्र भंडारी का बीजेपी में शामिल होना, दोनों घटनाएँ आगामी चुनावों पर भी असर डाल सकती हैं। प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी दोनों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जो अगले कुछ महीनों में होने वाले चुनावों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उत्तराखंड की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है, जिससे भविष्य में कई और बदलाव संभव हैं।