डोईवाला के जौलीग्रांट में जमीन कब्जाने के प्रयास का आरोप, 50 से 60 लोगों के पहुंचने से मचा हड़कंप

जमीन विवाद में जानलेवा हमले का आरोप, घायल करने और ट्रैक्टर को नुकसान पहुंचाने की शिकायत; पीड़ित ने परिवार और संपत्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस से लगाई गुहार

डोईवाला। देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र में जमीन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जौलीग्रांट में जमीन पर कब्जा करने के प्रयास और परिवार को धमकी दिए जाने का आरोप लगाते हुए सागर मनवाल ने कोतवाली डोईवाला में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जमीन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है और अब दोबारा बड़ी संख्या में लोग विवादित जमीन पर पहुंचे। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से मामले में निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के साथ ही अपने परिवार और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, जमीन पर कृषि कार्य के दौरान 8 अक्टूबर को कुछ लोगों ने कथित तौर पर हमला कर दिया था। आरोप है कि इस घटना में सागर मनवाल के भाई के साथी अमित जुयाल को पत्थर मारकर घायल कर दिया गया। इतना ही नहीं, मौके पर मौजूद ट्रैक्टर को भी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद से ही जमीन को लेकर विवाद और सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 21 अक्टूबर को एक बार फिर विवादित जमीन पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 50 से 60 लोग कई वाहनों में सवार होकर मौके पर आए। इस दौरान जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने, हंगामा करने और परिवार को हमला करने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान कराने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

8 अक्टूबर को कृषि कार्य के दौरान हमले का आरोप

सागर मनवाल की शिकायत के अनुसार, 8 अक्टूबर को जौलीग्रांट स्थित विवादित जमीन पर कृषि कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों के साथ विवाद होने और कथित हमले की घटना सामने आई। आरोप है कि इस दौरान सागर मनवाल के भाई के साथी अमित जुयाल को पत्थर मारकर घायल कर दिया गया।

शिकायत में ट्रैक्टर को नुकसान पहुंचाए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जमीन पर कृषि कार्य के दौरान हुई इस घटना ने विवाद को और गंभीर बना दिया। जमीन पर अपने अधिकार और सुरक्षा को लेकर चिंतित शिकायतकर्ता ने मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, घटना में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

21 अक्टूबर को 50 से 60 लोगों के पहुंचने का दावा

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 21 अक्टूबर को 50 से 60 लोग कई वाहनों में सवार होकर विवादित जमीन पर पहुंचे। पीड़ित पक्ष के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के मौके पर पहुंचने से जमीन को लेकर विवाद फिर गहरा गया।

शिकायत में जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने, हंगामा करने और परिवार को हमला करने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि विवाद के चलते उसके परिवार और संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है।

पीड़ित पक्ष ने पुलिस से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को रोका जा सके। साथ ही जमीन से जुड़े विवाद की जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए।

परिवार और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता

जौलीग्रांट में जमीन विवाद को लेकर सामने आई शिकायत के बाद पीड़ित पक्ष ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। शिकायतकर्ता सागर मनवाल ने पुलिस से परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विवादित जमीन पर किसी भी तरह के जबरन कब्जे के प्रयास को रोकने की मांग की है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि पहले हुई कथित घटना और 21 अक्टूबर को बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे में पुलिस की ओर से समय पर कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।

जमीन से जुड़े विवादों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी पक्ष को कानून अपने हाथ में लेने से रोकना महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में शिकायत, जमीन से संबंधित दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

जौलीग्रांट पुलिस और कोतवाली डोईवाला को दी शिकायत

मामले को लेकर जौलीग्रांट पुलिस और कोतवाली डोईवाला पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस की ओर से मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि जमीन पर कब्जे के प्रयास, हमले, ट्रैक्टर को नुकसान पहुंचाने और धमकी देने के आरोपों में कितनी सच्चाई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच के आधार पर की जा सकेगी।

फिलहाल, पीड़ित पक्ष ने पुलिस से जल्द कार्रवाई कर परिवार और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

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