रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर में सामने आए गौकशी प्रकरण में फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को उपचार के लिए पहले बाजपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस के मुताबिक, करीब एक माह पहले गदरपुर क्षेत्र में गौकशी की घटना सामने आई थी। मामले की जांच के दौरान रेंज स्तरीय गौवंश स्क्वाड और स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दो अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे। तभी से पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बताया कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को सूचना मिली थी कि फरार आरोपी मोईन ग्राम कनौरा के आसपास मौजूद है। सूचना के आधार पर एसओजी और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर चार राउंड फायरिंग कर दी।
पुलिस के अनुसार, आत्मरक्षा और आरोपी को पकड़ने के उद्देश्य से जवाबी कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस की एक गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 17 किलोग्राम प्रतिबंधित मांस, एक अवैध तमंचा, तीन जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी मोईन के रूप में की है।
जिला अस्पताल पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने घायल आरोपी से पूछताछ की और मामले की जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अन्य किन मामलों में शामिल रहा है।
पुलिस ने बताया कि गदरपुर गौकशी प्रकरण में फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस पर हमला करने और कानून-व्यवस्था भंग करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा पूरे मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।
नोट: पुलिस द्वारा बरामद सामग्री और आरोपी पर लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।