देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल धीरे-धीरे गर्म होने लगा है। प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दोनों ही चुनावी तैयारियों में जुटती नजर आ रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भराड़ीसैंण में चल रहे बजट सत्र के समाप्त होने के बाद प्रदेश की राजनीति में गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
प्रदेश में भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतर चुकी है। वहीं कांग्रेस भी अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने की कोशिश में लगी हुई है। बड़े नेताओं के दौरे, संगठनात्मक बैठकें और राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए दोनों दल अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।
दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार को 23 मार्च को चार साल पूरे होने जा रहे हैं। ऐसे में सरकार अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम और प्रचार अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर सरकार के चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाया जाएगा। भाजपा इसे आगामी चुनाव के लिए माहौल बनाने के रूप में देख रही है।
वहीं कांग्रेस प्रदेश स्तर पर कुछ हद तक सक्रिय जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों की रफ्तार अभी भाजपा की तुलना में धीमी नजर आ रही है। हालांकि पार्टी नेतृत्व संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिशों में लगा हुआ है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में दोनों प्रमुख दलों की गतिविधियां और तेज होंगी और प्रदेश की राजनीति में चुनावी सरगर्मी और बढ़ेगी।