विकास भी और विरासत भी’ का संकल्प: सीएम धामी ने किया चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026 का शुभारम्भ, विकास परियोजनाओं की झड़ी
देहरादून/चंपावत। पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून से वर्चुअल माध्यम से ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद चंपावत को आदर्श जिला बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल सात दिनों का आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा, प्राकृतिक सौंदर्य, मातृशक्ति के सामर्थ्य, युवाओं के उत्साह और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प का जीवंत उत्सव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली का पर्व समीप है और काली कुमाऊँ की बैठकी होली, खड़ी होली, चौफुला, सुर-ताल और लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है। चंपावत की यह पुण्यभूमि इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति की धरोहर रही है और यह महोत्सव इस विरासत को नई पहचान देगा। इस वर्ष महोत्सव को “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” का स्वरूप देकर शीतकालीन पर्यटन को भी नई गति देने का लक्ष्य रखा गया है।
साहसिक पर्यटन का राष्ट्रीय हब बनेगा चंपावत
मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव के अंतर्गत
-
पैराग्लाइडिंग
-
माउंटेन बाइकिंग
-
हॉट एयर बैलून
-
रिवर राफ्टिंग
-
पैरामोटरिंग
-
पक्षी अवलोकन
-
ट्रेकिंग
जैसी गतिविधियों के माध्यम से चंपावत को साहसिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित किया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जिम कॉर्बेट से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान मुख्यमंत्री ने महान शिकारी व प्रकृतिविद् जिम कॉर्बेट का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कहानियों और 1907 में चंपावत क्षेत्र की आदमखोर बाघिन के अंत की घटना ने इस क्षेत्र को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। यही कारण है कि यह क्षेत्र आज भी साहस, इतिहास और प्रकृति प्रेम का अद्भुत केंद्र माना जाता है।
संस्कृति, विज्ञान और स्थानीय उत्पादों का संगम
महोत्सव में
-
मधुबनी व आधुनिक कला कार्यशालाएं
-
क्विज प्रतियोगिता
-
विज्ञान प्रदर्शनी
-
लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम
-
जागरूकता कार्यशालाएं
-
पारंपरिक व्यंजनों का फूड फेस्टिवल
आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन ‘Vocal for Local’ से ‘Local for Global’ की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच मिलेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा विस्तार
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए
-
जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन है।
-
अमोड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया गया है।
जाम से राहत: मल्टीस्टोरी पार्किंग और सड़कों का सुदृढ़ीकरण विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के साथ जाम की समस्या के समाधान के लिए मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है।
मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत धार्मिक स्थलों का विकास
-
देवीधूरा वाराही मंदिर का विकास कार्य तेज
-
माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए लगभग 45 करोड़ का रोपवे निर्माणाधीन
शारदा कॉरिडोर और रिवर फ्रंट से पर्यटन को नई उड़ान
टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा, जिससे
-
माँ पूर्णागिरी धाम
-
चूका
-
श्यामलाताल
-
शारदा घाट
जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थल आपस में जुड़ेंगे।
सड़क और पुल परियोजनाओं से मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
-
टनकपुर–जौलजीबी मार्ग पर 55 करोड़ से स्पान आर्च पुल
-
33 करोड़ से सड़क सुधारीकरण
-
सूखीढांग–डाडामीनार मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण व डामरीकरण
-
हनुमानगढ़ी–खेतखेड़ा के बीच स्पान आर्च पुल
भारत-नेपाल सीमा पर 177 करोड़ का ड्राई पोर्ट
भारत-नेपाल सीमा पर बनने वाला 177 करोड़ का ड्राई पोर्ट क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञान, पर्यटन और सुविधाओं का विस्तार
-
57 करोड़ से साइंस सेंटर निर्माणाधीन
-
यात्रियों के लिए वे-साइड एमेनिटीज सेंटर
-
चूका को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य
-
अमोड़ी में हाउस ऑफ हिमालया का विपणन केंद्र स्थापित