उत्तराखंड के सरकारी दफ्तरों पर स्मार्ट निगरानी का प्लान, 500 मीटर दायरे तक CCTV और AI सिस्टम अनिवार्य
देहरादून: सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा को हाईटेक बनाने के लिए उत्तराखंड में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तराखंड गृह विभाग ने सभी विभागों से अब तक किए गए सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। खासतौर पर दफ्तरों के 500 मीटर दायरे तक CCTV कवरेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी की स्थिति का पूरा ब्यौरा मांगा गया है।

सभी सरकारी दफ्तर होंगे हाई-सिक्योरिटी ज़ोन
केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के तहत अब
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हर सरकारी कार्यालय के बाहर कम से कम 500 मीटर तक CCTV नेटवर्क
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संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम
लगाना अनिवार्य किया जा रहा है।
इसके साथ ही केवल कैमरे लगाने तक सीमित न रहकर फुटेज के विश्लेषण के लिए आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।
इन आधुनिक तकनीकों का होगा उपयोग
शासन ने स्पष्ट किया है कि निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए विभागों को इन तकनीकों का उपयोग करना होगा:
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
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मशीन लर्निंग (ML)
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वीडियो एनालिटिक्स
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इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)
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क्लाउड कंप्यूटिंग
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साइबर सिक्योरिटी सिस्टम
इनके जरिए संभावित खतरे की समय रहते पहचान और तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
शासन ने मांगी ये पूरी जानकारी
सभी विभागों को निर्धारित प्रारूप में तालिका बनाकर यह विवरण भेजना होगा:
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राज्य में कुल सरकारी कार्यालयों की संख्या
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CCTV से कवर कार्यालयों की संख्या
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500 मीटर दायरे तक निगरानी वाले कार्यालय
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फुटेज विश्लेषण में इस्तेमाल हो रही तकनीक
पहले भी इस संबंध में पत्र जारी किया गया था, लेकिन कई विभागों से जानकारी न मिलने पर दोबारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
क्यों जरूरी है यह कदम?
गृह विभाग का मानना है कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य और बढ़ती तकनीकी चुनौतियों के बीच
सरकारी संस्थानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम से
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संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर
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संवेदनशील दफ्तरों की बेहतर सुरक्षा
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त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम
सुनिश्चित किया जा सकेगा।