“कागज़ी नहीं, ज़मीनी काम चाहिए” -जिला पंचायत बोर्ड बैठक में दीपा दरमवाल सख्त, सड़क–पानी–स्वास्थ्य–गौशाला पर बड़े फैसले

हल्द्वानी। ग्रामीण विकास को गति देने और जमीनी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से सर्किट हाउस काठगोदाम में आयोजित जिला पंचायत बोर्ड बैठक इस बार काफ़ी अहम रही। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल ने अधिकारियों को साफ शब्दों में निर्देश दिए कि अब विकास कार्य फाइलों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि अधिकारी फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और तय समयसीमा में कार्य पूरा कराएं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता वर्षों से सड़क, पानी, स्वास्थ्य और जंगली जानवरों जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है, जिन्हें अब टाला नहीं जा सकता। “जनप्रतिनिधि जनता की आवाज़ लेकर आते हैं, इसलिए उनकी बातों को प्राथमिकता देना प्रशासन की जिम्मेदारी है,” उन्होंने कहा।

वित्तीय वर्ष 2026–27 की योजनाओं पर मंथन

बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 की योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं प्रमुखता से उठाईं।
प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मामलों का तत्काल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया।

निराश्रित पशु बड़ी चुनौती, नई गौशालाओं की तैयारी

ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं से फसलों को नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया:

  • जनपद में वर्तमान में 3100 गोवंश गौशालाओं में संरक्षित हैं

  • अधिकांश गौशालाएं अपनी क्षमता से अधिक भरी हुई हैं

  • रामनगर, बैलपड़ाव, मालधनचौड़, लालकुआं और हल्दूचौड़ में गौशालाएं संचालित

  • प्रति पशु ₹80 प्रतिदिन भुगतान पशुपालन विभाग द्वारा

  • मालधनचौड़ (रामनगर) में नई गौशाला के लिए डीपीआर तैयार

  • जिन क्षेत्रों में गौशालाएं नहीं हैं, वहां भूमि चिन्हिकरण तेज

ग्राम गौसेवक योजना को बढ़ावा

उत्तराखंड सरकार की योजना के तहत 5 नरगोवंश पालने पर ₹400 प्रतिदिन सहायता दी जा रही है। वर्तमान में जनपद में 31 ग्राम गौसेवक कार्यरत हैं। अधिकारियों ने अधिक ग्रामीणों से योजना का लाभ लेने की अपील की।

पर्वतीय क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा फैसला

पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर सदस्यों ने नाराज़गी जताई। खासकर अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और 108 एम्बुलेंस की अनुपलब्धता मुद्दा बना।

मुख्य विकास अधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि:

  • रामगढ़, धारी, ओखलकांड, बेतालघाट में

    • हर माह रोस्टर के अनुसार मेडिकल कैंप

    • अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, दिव्यांग प्रमाण पत्र सुविधा

  • पीएचसी/सीएचसी में बाहरी दवाइयां लिखने पर पूर्ण प्रतिबंध

  • इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए

जंगली जानवरों से सुरक्षा पर सख्ती

फसलों और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग को निर्देश:

  • सौर ऊर्जा चालित व कटीले तारों की फेंसिंग

  • संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग

  • मुआवजा व्यवस्था को सरल और त्वरित बनाया जाए

सड़क, पानी और स्वच्छता पर विशेष जोर

बैठक में मूलभूत सुविधाओं पर फोकस करते हुए निम्न निर्देश दिए गए:

  • शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन कूड़ा निस्तारण

  • पर्वतीय सड़कों पर झाड़ियों की सफाई हेतु संयुक्त टीमें

  • क्षतिग्रस्त सड़कों को प्राथमिकता से गड्ढामुक्त

  • जल जीवन मिशन के तहत जिन घरों में पानी नहीं पहुंचा, वहां तत्काल समाधान

मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क, पानी, बिजली और सिंचाई पर्वतीय क्षेत्रों की जीवनरेखा हैं और इन पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में उपस्थित

उपाध्यक्ष जिला पंचायत देवकी देवी, ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली, मंजू नेगी, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश कुमार, जिला पंचायत सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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