दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का गंभीर मामला, MBBS छात्र से मारपीट के आरोप

देहरादून।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एमबीबीएस 2025 बैच के एक छात्र के साथ न केवल रैगिंग की गई, बल्कि उसकी बेल्ट से पिटाई भी की गई। इस घटना ने एक बार फिर मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग जैसी कुप्रथा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र और पिटाई करने वाला छात्र दोनों ही 2025 बैच के हैं, लेकिन आरोप है कि मारपीट करने वाले छात्र ने यह कृत्य 2023 और 2024 बैच के दो सीनियर छात्रों के दबाव में किया। पीड़ित छात्र ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लिखित शिकायत कॉलेज प्रशासन को सौंपी, जिसके बाद मामला उजागर हुआ।

एंटी-रैगिंग कमेटी को सौंपी गई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसे एंटी-रैगिंग कमेटी को सौंप दिया है। जांच के लिए पैथोलॉजी लैब की हेड डॉ. गजाला रिजवी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है।

कॉलेज प्रशासन ने पीड़ित छात्र का मेडिकल परीक्षण भी कराया है, ताकि मारपीट के आरोपों की पुष्टि की जा सके।

हॉस्टल से सामने आया मामला

यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित छात्र ने हॉस्टल में सीनियर छात्रों द्वारा किए गए गलत व्यवहार और मारपीट को लेकर शिकायती पत्र दिया। शिकायत मिलते ही हॉस्टल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और पूरे प्रकरण की जानकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन और बॉयज हॉस्टल के वार्डन को दी।

इसके बाद कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले को औपचारिक जांच के लिए एंटी-रैगिंग कमेटी को सौंप दिया।

सीनियर छात्रों के अभिभावकों को तलब

कॉलेज प्रशासन ने आरोपित दोनों सीनियर छात्रों के अभिभावकों को भी तलब किया, लेकिन जानकारी के अनुसार उन्होंने फिलहाल कॉलेज प्रशासन के समक्ष उपस्थित होने से मना कर दिया है। इसे भी जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

छात्रों के बयान दर्ज

कॉलेज की अनुशासन समिति ने इस मामले में संबंधित छात्रों के बयान दर्ज कर लिए हैं। कमेटी के सदस्य डॉक्टर राजीव कुशवाहा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

कॉलेज प्रशासन का सख्त रुख

दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने स्पष्ट किया कि कॉलेज प्रशासन इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहा है।

उन्होंने कहा—
“इस घटना की जांच के लिए एंटी-रैगिंग कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कॉलेज में रैगिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

रैगिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

यह मामला मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करता है। अब सभी की निगाहें एंटी-रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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