“हमारे लिए नारे, उनके लिए वारे-न्यारे” – जन–जन की सरकार पर गोदियाल का हमला

“हमारे लिए नारे, उनके लिए वारे-न्यारे” — गणेश गोदियाल

‘जन–जन की सरकार’ के नारे पर कांग्रेस का तीखा हमला

देहरादून।
भले ही उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 में अभी एक वर्ष से अधिक समय शेष हो, लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज़ हो गया है। भाजपा द्वारा शुरू किए गए ‘जन–जन की सरकार’ और ‘जन–जन के द्वार’ अभियान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखा हमला बोलते हुए इसे जनता को गुमराह करने वाला नारा बताया है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा का यह अभियान आम जनता के लिए केवल नारा भर है, जबकि सत्ता और संसाधनों का लाभ चुनिंदा लोगों को दिया जा रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा,
“हमारे लिए तो सिर्फ नारे हैं, लेकिन उनके लिए वारे-न्यारे हैं। भाजपा की सरकार जनता के द्वार नहीं, बल्कि धन्ना सेठों के द्वार खड़ी है।”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा की नीति और नीयत शुरू से ही अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने की रही है। उन्होंने कहा कि खनन पट्टे बाहर के लोगों को दिए जा रहे हैं और स्थानीय जनता को केवल खोखले वादों से बहलाया जा रहा है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और धामी सरकार इससे जुड़े सवालों से बचने का प्रयास कर रही है।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपकर साफ संकेत दे दिया है कि पार्टी अब आक्रामक मोड में है। इसके बाद से उनके हमले और भी तीखे होते जा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की लंबी सूची सार्वजनिक कर भाजपा को घेरने की कोशिश की थी। साथ ही आपदा प्रबंधन की विफलताओं को लेकर भी उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

धराली प्रकरण का जिक्र करते हुए गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि वहां मलबे में अब भी 150 से अधिक शव दबे होने की आशंका है, जिनके ऊपर सरकार ने सड़क का निर्माण करा दिया। इस मुद्दे को उन्होंने जोर-शोर से उठाते हुए सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े किए।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए पहले ही चुनाव प्रबंधन और प्रचार समितियों की जिम्मेदारी प्रीतम सिंह और डॉ. हरक सिंह को सौंप दी है। फिलहाल भाजपा सरकार और उसके नेताओं पर सबसे तीखे हमले गणेश गोदियाल और डॉ. हरक सिंह की ओर से ही किए जा रहे हैं।

वहीं भाजपा के लिए 2027 का चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी उत्तराखंड में जीत की हैट्रिक लगाकर नया इतिहास रचना चाहती है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि वह अपने मजबूत संगठन और चुनावी रणनीतियों के बल पर बिहार की तरह उत्तराखंड में भी एकतरफा जीत दर्ज कर सकती है।

लेकिन कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस बार पार्टी भाजपा के हर राजनीतिक हथकंडे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। कांग्रेस भाजपा के ‘जन–जन की सरकार’ नारे के जवाब में जल्द ही अपना नया जन-संवाद कार्यक्रम शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से सरकार की नीतियों और फैसलों को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।

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