देहरादून में विक्रम ऑटो पर सख्ती, हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सिर्फ 6 सवारियां ही बैठ सकेंगी

ओवरलोडिंग पर लगेगी पूरी तरह लगाम, नियम तोड़ने पर वाहन सीज और 20 हजार तक जुर्माना

देहरादून। नैनीताल हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद अब देहरादून में विक्रम ऑटो को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। शहर में अब केवल वही विक्रम संचालित हो सकेंगे, जिनमें चालक के अलावा अधिकतम छह सवारियां बैठी होंगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रमों के खिलाफ सीज की कार्रवाई की जाएगी।

हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में संभागीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) के सचिव एवं आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने आदेश जारी करते हुए साफ किया है कि अब किसी भी विक्रम में चालक के बगल वाली आगे की सीट पर सवारी बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।


आगे की सीट पूरी तरह बंद करना होगा अनिवार्य

आदेश के अनुसार विक्रम ऑटो में चालक के केबिन को एक तरफ से लोहे या फाइबर की चादर से पूरी तरह बंद करना होगा। इसके विकल्प के रूप में लोहे की रॉड लगाकर भी केबिन को बंद किया जा सकता है। यह व्यवस्था विक्रम की फिटनेस और परमिट शर्तों से जुड़ी होगी।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि—

  • पीछे की दोनों सीटों पर केवल छह सवारियां बैठाई जाएंगी

  • चालक के बगल में कोई सवारी नहीं बैठेगी

  • आगे सवारी मिलने पर 20 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा

  • बार-बार उल्लंघन पर परमिट निरस्तीकरण की कार्रवाई भी हो सकती है


अब सिर्फ ‘सिक्स प्लस वन’ श्रेणी में चलेंगे सभी विक्रम

शहर में वर्तमान में 784 विक्रम ऑटो आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं। पहले विक्रम दो श्रेणियों में चलते थे—

  • सेवन प्लस वन (7 सवारी + चालक)

  • सिक्स प्लस वन (6 सवारी + चालक)

लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी विक्रम अब केवल सिक्स प्लस वन श्रेणी में ही माने जाएंगे। इसका मतलब यह है कि अब किसी भी परिस्थिति में सात या उससे अधिक सवारियां बैठाना अवैध होगा।


आरटीओ की चेतावनी—मंगलवार से होगी सख्त कार्रवाई

आरटीओ ने बताया कि विक्रम संचालकों को पहले आगे की सीट हटाने और केबिन बंद करने के लिए 10 सितंबर तक का समय दिया गया था। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया।

अब सोमवार को स्पष्ट आदेश जारी कर दिया गया है कि—

मंगलवार से वही विक्रम सड़कों पर चलेंगे, जो नियमों के अनुसार छह सवारी लेकर चल रहे होंगे।

नियम तोड़ने वाले विक्रमों को मौके पर ही सीज किया जाएगा और उनके फिटनेस, टैक्स व परमिट से जुड़े कार्य रोक दिए जाएंगे।

पहले भी हट चुकी है आगे की सीट

गौरतलब है कि वर्ष 2019 में तत्कालीन आरटीओ सुधांशु गर्ग के कार्यकाल में भी विक्रमों की आगे की सीट हटवाई गई थी और लोहे की रॉड लगाकर केबिन बंद कराया गया था। लेकिन बाद में विक्रम चालकों ने नियमों की अनदेखी करते हुए दोबारा आगे सवारी बैठानी शुरू कर दी।

वर्ष 2021 में परिवहन मुख्यालय ने विक्रमों को सेवन प्लस वन श्रेणी में मानने का आदेश जारी किया था, जिसे सिटी बस यूनियन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि परिवहन मुख्यालय ऐसा आदेश जारी नहीं कर सकता और उसे निरस्त कर दिया गया।

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