लोकसभा में गूंजा उत्तराखंड का हॉर्टीकल्चर टूरिज्म—सांसद अजय भट्ट ने रामगढ़ क्षेत्र को राष्ट्रीय मॉडल परियोजना बनाने की रखी मांग, SC/ST रोजगार योजनाओं पर भी मांगा विवरण

नई दिल्ली। लोकसभा के शून्यकाल में नैनीताल–उधमसिंह नगर के सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने उत्तराखंड के हॉर्टीकल्चर टूरिज्म को नई दिशा देने की मांग प्रभावी रूप से उठाई। उन्होंने कहा कि कुमाऊं का रामगढ़ क्षेत्र फल, फूल और बागवानी के लिए देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और यहां हॉर्टीकल्चर आधारित पर्यटन को विकसित कर इसे राष्ट्रीय स्तर की मॉडल परियोजना बनाया जा सकता है। भट्ट ने कहा कि इस क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य और कृषि–बागवानी की समृद्ध परंपरा ऐसी है, जिसे पर्यटन से जोड़कर न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार अवसर भी तैयार किए जा सकते हैं।

सांसद ने मांग की कि केंद्र सरकार हॉर्टीकल्चर टूरिज्म के लिए विशेष बजट उपलब्ध कराए। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण सुविधाएँ, पौधशालाएँ, प्रोसेसिंग यूनिट और मार्केटिंग सपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य के बीच एक समन्वित कार्य योजना तैयार की जाए। भट्ट ने कहा कि यदि यह परियोजना लागू होती है तो उत्तराखंड के पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत खुलेंगे और पर्यटन के साथ कृषि क्षेत्र भी मजबूत होगा।

संसद में चर्चा के दौरान भट्ट ने एक अतारांकिक प्रश्न पूछते हुए देशभर, विशेषकर उत्तराखंड में अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय को उपलब्ध रोजगार व उद्यमिता योजनाओं के लाभों पर भी जानकारी मांगी। इसके जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रालय SC/ST समुदाय के लिए कई महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता योजनाएँ चला रहा है। इनमें 3.75% ब्याज दर पर वेंचर कैपिटल फंड, अधिकतम 30 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता तथा 1.25 से 45 लाख रुपये तक के मियादी ऋण शामिल हैं।

मंत्री ने बताया कि बीते तीन वर्षों में देशभर में कुल 30,079 पुरुष और 58,679 महिलाएँ इन योजनाओं का लाभ ले चुकी हैं। उत्तराखंड के लिए दिए गए आँकड़ों के अनुसार:

  • 2022–23 में 154 पुरुष और 90 महिलाओं को लाभ मिला।

  • 2023–24 में 6 पुरुष और 2 महिलाएँ लाभार्थी बनीं।

  • 2024–25 में 317 पुरुष और 311 महिलाएँ इन योजनाओं के तहत सहायता प्राप्त कर चुकी हैं।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वर्ष 2024–25 में उत्तराखंड में SC/ST उद्यमिता और रोजगार योजनाओं की गति पहले की तुलना में कई गुना बढ़ी है।

सांसद अजय भट्ट द्वारा लोकसभा में उठाए गए ये मुद्दे न सिर्फ कुमाऊं क्षेत्र बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्टीकल्चर टूरिज्म की दिशा में यदि केंद्र सरकार से विशेष सहयोग मिलता है तो उत्तराखंड में कृषि–आधारित पर्यटन, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, रोजगार सृजन और उद्यमिता को नई ऊर्जा मिलेगी।

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