जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक पर भड़की कांग्रेस: वन मुख्यालय का घेराव, सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन
देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जंगली जानवरों के लगातार बढ़ते हमलों से परेशान जनता की आवाज को उठाने के लिए आज कांग्रेस सड़क पर उतर आई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय का जोरदार घेराव किया और सरकार व वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मुख्य मुद्दा— जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों को राहत दिलाना।
दिलाराम चौक से शुरू हुआ मार्च, पुलिस-कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का विशाल समूह दिलाराम चौक से वन मुख्यालय की ओर कूच कर रहा था।
लेकिन वन भवन गेट पर मौजूद पुलिस ने रास्ता रोकते हुए गेट बंद कर दिया।
इसके बाद:
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गेट खुलवाने को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में तीखी नोकझोंक
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देखते ही देखते माहौल गरमाया
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धक्का-मुक्की के बीच कांग्रेसियों ने जबरन गेट खोलकर परिसर में प्रवेश किया
वन भवन के अंदर घुसकर कार्यकर्ताओं ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
“लोग खतरे में हैं… विभाग तुरंत कदम उठाए” – गणेश गोदियाल
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि—
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पहाड़ों में भालू और गुलदार (तेंदुआ) का आतंक लगातार बढ़ रहा है
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पिछले 6 महीनों में कई ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों में हमलों की घटनाएं दोगुनी हो गई हैं
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कई लोग घायल हुए, कई की मौत हुई
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सैकड़ों पालतू पशु भालू व बाघ का निवाला बने
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महिलाओं, पशुपालकों, और जंगल में रोज़ जाने वाले लोगों में गहरी असुरक्षा
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वन विभाग तुरंत कार्रवाई नहीं करता, तो ग्रामीण अपनी सुरक्षा के लिए मजबूरन बंदूक उठाने पर भी विचार कर सकते हैं। गोदियाल ने प्रदर्शन के दौरान प्रतीकात्मक रूप से प्लास्टिक की बंदूक दिखाकर विभाग को आगाह किया।
कांग्रेस ने वन विभाग को सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ आर.के. मिश्रा को ज्ञापन सौंपा, जिसमें यह प्रमुख मांगें रखी गईं—
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प्रभावित इलाकों में भालू और बाघ की ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए
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जंगली जानवरों को आबादी से दूर रखने के लिए सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाएं
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ग्रामीणों व पशुपालकों की सुरक्षा और मुआवजा व्यवस्था को मजबूत किया जाए
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वन विभाग की तत्काल प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय किया जाए
कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि जंगली जानवरों के मूवमेंट और हमलों में वृद्धि के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, जिसके चलते पहाड़ी जिलों में भय का माहौल है।
पौड़ी–चमोली में सबसे अधिक आतंक
कांग्रेस ने बताया कि—
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पौड़ी और चमोली जैसे जिलों में भालू व बाघ ने सैकड़ों पशुओं को मार डाला
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कई ग्रामीण बाघ और गुलदार के हमलों में अपनी जान गंवा चुके हैं
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पशुपालन, जंगल से चारा-पत्ती, और खेती–बाड़ी पर गंभीर असर पड़ा है