देहरादून में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिल्डरों-शराब कारोबारियों और स्कूल संचालकों के ठिकानों पर छापेमारी
देहरादून: राजधानी देहरादून में आयकर विभाग की सुबह-सुबह हुई कार्रवाई से हड़कंप मच गया। विभाग की टीमों ने प्रमुख बिल्डरों, शराब कारोबारियों और स्कूल संचालकों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि यह छापेमारी अघोषित संपत्ति और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद की गई है।
एमकेपी रोड, द्वारका स्टोर और राजपुर रोड पर छापे
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की टीमें मंगलवार सुबह से ही एमकेपी रोड, द्वारका स्टोर क्षेत्र और राजपुर रोड पर स्थित कई ठिकानों पर पहुंच गईं।
बताया जा रहा है कि जिन कारोबारियों के यहां यह कार्रवाई की जा रही है, उनमें प्रमुख नाम हैं —
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बिल्डर राकेश बत्ता
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कसीगा स्कूल के संचालक रमेश बत्ता
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शराब कारोबारी कमल अरोड़ा और प्रदीप वालिया
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टिकैत और अन्य कारोबारी
इन सभी के ठिकानों पर आयकर विभाग की अलग-अलग टीमों ने छापेमारी की कार्रवाई शुरू की।
अघोषित लेनदेन और संपत्ति पर कार्रवाई
आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ समय से बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स और शराब कारोबार से जुड़े अघोषित लेनदेन की जानकारी सामने आ रही थी। विभाग को शक था कि इन कारोबारियों के पास करोड़ों रुपये की बिना घोषित आय और संपत्तियां हैं। इसी आधार पर विभाग ने एक समन्वित कार्रवाई के तहत कई टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा।
डिजिटल और दस्तावेजी रिकॉर्ड की पड़ताल जारी
सूत्रों का कहना है कि आयकर अधिकारी छापेमारी के दौरान दस्तावेजों, रजिस्टरों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहे हैं। टीमें बैंक लेनदेन, जमीन सौदों और संपत्ति निवेश से जुड़े साक्ष्य जुटा रही हैं।
खबर लिखे जाने तक छापेमारी की कार्रवाई जारी थी और देर रात तक चलने की संभावना जताई जा रही है।
कारोबारी जगत में हड़कंप
इस बड़ी कार्रवाई की खबर मिलते ही देहरादून के कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया है।
कई स्थानों पर आयकर अधिकारियों की मौजूदगी से अफरा-तफरी का माहौल रहा।
हालांकि, आयकर विभाग ने आधिकारिक रूप से अभी कोई बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि इस छापेमारी से शहर के कई अन्य कारोबारियों पर भी जांच की आंच पहुंच सकती है।
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देहरादून में आयकर विभाग की एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी।
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बिल्डरों, शराब कारोबारियों और स्कूल संचालकों के यहां कार्रवाई।
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करोड़ों के अघोषित लेनदेन और संपत्तियों की जांच।
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डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की गहन पड़ताल जारी।
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कारोबारी जगत में मचा हड़कंप।