वर्ल्ड कप विजेता स्नेह राणा का देहरादून में भव्य स्वागत, सीएम धामी ने दी ₹50 लाख की बधाई
देहरादून। महिला क्रिकेट विश्व कप में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम की ऑलराउंडर स्नेह राणा शुक्रवार को पहली बार अपने गृहनगर देहरादून पहुंचीं। जैसे ही उनका विमान जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरा, वहां मौजूद लोगों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जयकारों के बीच उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट पर स्नेह राणा के परिजन, खेल प्रेमी और प्रशंसकों की भारी भीड़ जुटी रही।
देहरादून जिले के सिनोला गांव की मूल निवासी स्नेह राणा ने कहा —
“यह जीत पूरी टीम की कड़ी मेहनत और एकजुटता का परिणाम है। हर खिलाड़ी ने अपना सौ प्रतिशत दिया और यही हमारी सफलता की असली कुंजी रही।”
उन्होंने बताया कि विश्व कप जीत के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की, जो उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक रहा।
“प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जी ने पूरी टीम की सराहना की और हमें आगे भी इसी जोश के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया,” उन्होंने कहा।
परिवार में खुशी की लहर
स्नेह राणा के स्वागत के लिए उनके भाई कमल राणा और भाभी ऋचा राणा भी एयरपोर्ट पहुंचे। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि स्नेह बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जुनूनी थीं।
“सिर्फ नौ साल की उम्र में उन्होंने स्थानीय क्रिकेट क्लब में एडमिशन लेकर खेल की बुनियादी ट्रेनिंग शुरू की थी। साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था,” उनके भाई ने बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि चोटों और चुनौतियों के बावजूद स्नेह ने कभी हार नहीं मानी और आज अपने संघर्ष से देश का गौरव बन गई हैं।
सीएम धामी की ओर से ₹50 लाख की घोषणा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्नेह राणा से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने ₹50 लाख की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा करते हुए कहा —
“स्नेह राणा ने अपनी मेहनत, संकल्प और प्रतिभा से उत्तराखंड का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। उनका प्रदर्शन हमारे युवाओं और विशेष रूप से बेटियों के लिए प्रेरणा है।”
स्नेह राणा ने मुख्यमंत्री और प्रदेशवासियों के स्नेह पर आभार जताते हुए कहा —
“मैं हमेशा देश और उत्तराखंड का नाम ऊंचा करने का प्रयास करती रहूंगी। यह प्यार और सम्मान मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।”