रुद्रप्रयाग में सीएम धामी ने आपदा प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, राहत राशि वितरित – बोले, “सरकार हर पीड़ित के साथ है”
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकपर्व इगास के अवसर पर शनिवार को जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार तहसील क्षेत्रान्तर्गत ग्राम भौंर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में आई आपदा से प्रभावित परिवारों से भेंटवार्ता की, उन्हें सांत्वना दी और राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की स्थलीय समीक्षा की।
मुख्यमंत्री के पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका परंपरागत ढंग से गर्मजोशी से स्वागत किया। गांव के बच्चों और महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और स्थानीय लोकगीतों के साथ उनका स्वागत किया।
आपदा पीड़ित परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री धामी ने आपदा के दौरान जान-माल की क्षति झेलने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतक कुलदीप सिंह नेगी (वन श्रमिक) और सते सिंह के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में 5-5 लाख रुपये के चेक प्रदान किए।
सीएम ने कहा कि, “राज्य सरकार आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। किसी भी पीड़ित परिवार को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।”
स्थलीय निरीक्षण कर दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने ग्राम भौंर में आपदा प्रभावितों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की और उनकी समस्याओं, अनुभवों और जरूरतों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
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सभी प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत सहायता प्रदान की जाए।
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पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।
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सड़क, पेयजल, बिजली, आवास और संचार जैसी जीवनोपयोगी व्यवस्थाओं का त्वरित पुनर्निर्माण किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन जीने की सुविधा मिले और किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए ठोस कदम
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड एक आपदा-संवेदनशील राज्य है, जहां भौगोलिक परिस्थितियां हमेशा चुनौतीपूर्ण रहती हैं। सरकार ने आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए कई ठोस पहल की हैं।
उन्होंने कहा कि, “हमारा प्रयास है कि राहत कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता बनी रहे। आपदा प्रबंधन की प्रत्येक इकाई को सक्रिय और जवाबदेह बनाया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भोजन किया, साझा की पीड़ा
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित परिवारों के साथ मध्यान्ह भोजन भी किया। उन्होंने ग्रामीणों से अनौपचारिक बातचीत की और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि, “सरकार का यह प्रयास है कि प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण केवल ढांचागत न हो, बल्कि लोगों के जीवन में फिर से स्थिरता और विश्वास लौटे।”
हेलीपैड, सड़क और आंगनवाड़ी केंद्र की घोषणा
सीएम धामी ने आपदा प्रभावित इस दुर्गम क्षेत्र में स्थायी हेलीपैड निर्माण की घोषणा की, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर ग्राम भौंर में एक आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गांव तक दोपहिया वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने हेतु शीघ्र ही मोटर सड़क निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए उन्होंने 1 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर करने की घोषणा की।
विस्थापन और मुआवजा योजना पर काम शुरू
सीएम धामी ने छेनागाड़ क्षेत्र में आपदा के दौरान अपने घर खो चुके परिवारों के लिए विस्थापन योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन लोगों के वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में किसी भी पात्र व्यक्ति को वंचित नहीं रखा जाएगा और हर प्रभावित परिवार को उसका पूर्ण अधिकार और सहायता सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के अंत में कहा —
“उत्तराखंड के लोग साहसी और आत्मनिर्भर हैं। किसी भी आपदा की घड़ी में हम सब एक परिवार की तरह एक-दूसरे के साथ खड़े हैं। सरकार का यह संकल्प है कि पुनर्निर्माण के साथ-साथ हम आपदाओं से निपटने के लिए और अधिक सक्षम व्यवस्था तैयार करें।”