हरिद्वार : अपनी ही हत्या की 30 लाख की सुपारी देने का मामला: पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत छह लोग हिरासत में

हरिद्वार पुलिस ने उजागर की अजीबोगरीब साजिश, जमीनी विवाद में विपक्षी को फंसाने के लिए खुद रची हत्या की कहानी

हरिद्वार। जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने विपक्षी को फंसाने के लिए अपनी ही हत्या की फर्जी साजिश रच डाली। पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए पूर्व जिला पंचायत सदस्य जाकिर पुत्र ताहिर सहित छह लोगों को हिरासत में लिया है।

30 लाख की सुपारी की कहानी ने खोला झूठ का जाल

थाना बहादराबाद में जाकिर पुत्र ताहिर, निवासी ग्राम घोड़ेवाला ने तहरीर दी थी कि उसके विपक्षी जावेद पुत्र याकूब, मुनफेत और जुनेद (सभी ग्राम घोड़ेवाला निवासी) ने उसकी हत्या करवाने के लिए 30 लाख रुपये की सुपारी दी है।
उसने दावा किया कि इस साजिश में जलालपुर और रुड़की के कुछ युवक भी शामिल हैं।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस जांच में सामने आया साजिश का सच

जांच के दौरान पुलिस ने आज़म (कान्हापुर), उस्मान (जलालपुर), सोहेल (सोत मोहल्ला रुड़की), खालिक और शाजिद (घोड़ेवाला) से गहन पूछताछ की।
पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य जाकिर और जावेद के बीच पिछले 3–4 साल से जमीनी विवाद चल रहा था।
विपक्षी पर दबाव बनाने और झूठा मुकदमा दर्ज करवाने के लिए जाकिर ने अपनी ही हत्या की फर्जी कहानी रची थी।

50 हजार रुपये में बनाया गया ‘ड्रामा प्लान’

साजिश के तहत जाकिर ने अपने साथियों आजम, उस्मान और सोहेल को ₹50,000 रुपये का लालच दिया था।
योजना के मुताबिक, वे उसकी लाइसेंसी पिस्टल से उसकी ही कार पर फायरिंग करने वाले थे, ताकि यह लगे कि विपक्षी ने हत्या करवाने की कोशिश की।
लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ में पूरा षड्यंत्र बेनकाब हो गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी आपस में ही थाने में भिड़ गए और एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे।

लाइसेंसी पिस्टल से रची गई थी साजिश

पुलिस ने जाकिर की वह लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली है, जिसका रिन्यूवल समाप्त हो चुका था।
पिस्टल उसके भतीजे खालिक के पास से मिली।
लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में जाकिर और खालिक पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

सभी आरोपी हिरासत में

पुलिस ने जाकिर पुत्र ताहिर (घोड़ेवाला), खालिक पुत्र सुलेमान (घोड़ेवाला), उस्मान पुत्र लियाकत (जलालपुर), सोहेल पुत्र हसरत (रुड़की), आजम पुत्र इलियास (कान्हापुर) और शाजिद पुत्र सुलेमान (घोड़ेवाला) को धारा 170 बीएनएसएस के तहत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस बोली—“सच्चाई सामने है”

हरिद्वार पुलिस ने कहा कि जांच के बाद यह साफ हो गया कि पूरा मामला विपक्षी को फंसाने की नीयत से रचा गया झूठा नाटक था।
पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि कोई व्यक्ति कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग न कर सके।

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