उत्तराखंड पुलिस महकमे में सख्ती : सोशल मीडिया पर कमेंट करने वाले पुलिसकर्मी अब होंगे निशाने पर

देहरादून। राजधानी के राजपुर क्षेत्र में हाल ही में हुई सड़क दुर्घटना और उससे जुड़ा वायरल वीडियो अब केवल एक स्थानीय घटना नहीं रहा, बल्कि इसने उत्तराखंड पुलिस महकमे की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सोशल मीडिया पर तेजी से फैली इस वीडियो क्लिप ने पुलिस अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेने पर मजबूर कर दिया।

थानाध्यक्ष निलंबित, मुकदमा दर्ज

वीडियो के सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने बिना देर किए राजपुर थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यही नहीं, उनके खिलाफ उसी थाने में ही मुकदमा संख्या 192/25, धारा 281, 324(4) BNS के अंतर्गत केस दर्ज कर दिया गया। मामले की जांच अब एक वरिष्ठ इंस्पेक्टर को सौंपी गई है ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठ सके।

मेडिकल और ब्लड सैंपल जांच

कार्रवाई को और सख्त बनाते हुए SSP ने तत्कालीन थानाध्यक्ष का मेडिकल कराया। उनका ब्लड सैंपल फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) को भेजा गया है। SSP का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया कमेंट बने मुसीबत

मामले के तूल पकड़ने के बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने भी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसी सोशल मीडिया साइट्स पर अधिकारियों के फैसलों पर टिप्पणी कर दी। यही बात SSP को नागवार गुज़री और अब ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

SSP का सख्त आदेश

SSP देहरादून ने सभी थाना और शाखा प्रभारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थों को स्पष्ट चेतावनी दें—
 “सोशल मीडिया कोई चौपाल नहीं है। अधिकारियों के निर्णयों पर सार्वजनिक बहस या टिप्पणी करना पुलिस आचरण नियमावली और मुख्यालय की सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन है।”

कार्रवाई होगी तय

यदि कोई पुलिसकर्मी भविष्य में सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ न केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, बल्कि उसकी सेवा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

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