मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बजट भाषण के संतृप्तिकरण बिंदुओं की समीक्षा की, विभागों को तय समय-सीमा में कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट भाषण में उल्लिखित संतृप्तिकरण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बिंदुओं पर शीघ्र कार्ययोजना तैयार कर समय-सीमा तय की जाए और लगातार मॉनिटरिंग के साथ काम को गति दी जाए।

हवाई कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों और प्रमुख पर्यटक स्थलों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए विभाग शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि इस योजना के हर स्तर की समय-सीमा तय कर नियमित समीक्षा की जाएगी।

असुरक्षित पुल और ट्रॉली होंगे दुरुस्त

लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिए गए कि प्रदेश के असुरक्षित पुलों और ट्रॉली मार्गों का तुरंत जीर्णोद्धार किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि जहां-जहां ट्रॉली से आवाजाही हो रही है, वहां शीघ्र पुल का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, गैर सरकारी ट्रॉलियों का भी सेफ्टी ऑडिट कर उन्हें नियमानुसार संचालित करने की व्यवस्था की जाए। लोक निर्माण विभाग को सभी सड़कों को क्रैश बैरियर से संतृप्त करने के निर्देश भी दिए गए।

ई-ऑफिस को तेजी से लागू करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी विभागों और जिला स्तरीय कार्यालयों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने के लिए विभागों से जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि शासन और विभागों के बीच लिंकेज की प्रक्रिया तेज की जाए और आईटी विभाग आवश्यक कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित करे।

विज्ञान, नवाचार और स्वरोजगार केंद्र

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में थीम बेस्ड विज्ञान एवं नवाचार केंद्रों की स्थापना का कार्य तेज किया जाए। विशेष रूप से रुद्रप्रयाग जनपद में भूमि शीघ्र चिन्हित कर कार्य प्रारंभ किया जाए।
इसके अलावा, राज्य के 13 रोजगार केंद्रों को स्वरोजगार केंद्रों में विकसित करने के निर्देश दिए गए। इन केंद्रों को लाइब्रेरी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर इन्हें केंद्रीकृत स्वरोजगार हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

शिक्षा विभाग को फर्नीचर और पुस्तकालय उपलब्ध कराने के निर्देश

शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि प्रदेश के सभी स्कूलों में फर्नीचर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सभी जिला मुख्यालयों और 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में पुस्तकालय स्थापित किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन पुस्तकालयों का संचालन दून लाइब्रेरी की तर्ज पर सोसाइटी मोड पर किया जाए ताकि इनके रखरखाव और संचालन में समस्या न हो।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, सी. रविशंकर, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, श्रीमती रंजना राजगुरू, हिमांशु खुराना और गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।

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