चमोली में बादल फटा: कुंतरी गांव में कई घर मलबे में दबे, पांच लापता, दो को बचाया गया
चमोली जनपद में मौसम विभाग का भारी बारिश का पूर्वानुमान सही साबित हुआ और नंदा नगर क्षेत्र में तबाही का मंजर देखने को मिला। गुरुवार देर शाम कुंतरी गांव में बादल फटने से अचानक मलबा आने के कारण कई मकान इसकी चपेट में आ गए। जानकारी के अनुसार घटनास्थल पर हालात बेहद भयावह हैं और प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने में प्रशासनिक टीमों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई निवासी अभी भी अपने घरों में फंसे हुए हैं जबकि कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं। अंधेरा और लगातार हो रही बारिश के चलते राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ है।
जिला अधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नगर पंचायत नंदानगर के वार्ड कुंतरी लगाफली में भारी वर्षा और मलबा आने से छह मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। घटना में पांच लोग लापता हैं जबकि दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मौके पर एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम भेजी गई है, साथ ही जेसीबी मशीनें भी रवाना कर दी गई हैं।
एसडीआरएफ की एक टीम नंदप्रयाग पहुंच चुकी है और एनडीआरएफ को भी गोचर से नंदप्रयाग के लिए रवाना कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल टीम और 108 सेवा की तीन एंबुलेंस प्रभावित क्षेत्र के लिए भेज दी हैं।
स्थानीय निवासी नंदन सिंह रावत ने बताया कि कुंतरी गांव में कई मकान मलबे में दब गए हैं और कुछ लोगों से फोन पर बात हुई है जो अपने घरों के भीतर ही फंसे हुए हैं।
इसके अलावा नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव से भी भारी बारिश की वजह से चार से पांच भवनों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है, हालांकि राहत की बात है कि यहां किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है। वहीं, मोक्ष नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे निचले इलाकों में खतरा बढ़ सकता है।