आपदा का अलर्ट: पहाड़ से मैदान तक कहर, विकास की अंधी दौड़ बनी विनाश का कारण
देहरादून/मैदानी क्षेत्र:
मानसून का कहर अब केवल पहाड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य के मैदानी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले चुका है। राजधानी दून और उसके आसपास के इलाकों में बीती रात हुई भीषण बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। एक ही रात में करीब डेढ़ दर्जन लोगों की मौत हो गई, जबकि करोड़ों की निजी और सरकारी संपत्तियां तबाह हो गईं।
तबाही का मंजर
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कई पुल और सड़कें बह गए या ध्वस्त हो गए।
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लोगों के घर, दुकानें, होटल और रेस्टोरेंट मलबे में तब्दील हो गए।
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आईटी पार्क के पास दून–सहस्त्रधारा मार्ग का बड़ा हिस्सा बह गया।
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ऋषि नगर का पुल ढह गया।
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पौटा साहिब मार्ग पर प्रेमनगर के पास नदी पर बना पुल टूट गया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप है।
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दिल्ली–हरिद्वार–दून हाईवे पर फनवैली के पास सौग नदी का पुल भी टूट गया, जिससे यातायात डाइवर्ट करना पड़ा।