रुद्रप्रयाग विकास भवन में टेंडर विवाद, 108 कर्मचारी हिरासत में

रुद्रप्रयाग: जिले के विकास भवन में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब 108 सेवा में कार्यरत एक कर्मचारी टेंडर जमा करने पहुंच गया। ठेकेदारों ने इस पर कड़ा विरोध जताया और देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।

दरअसल, उत्तराखंड के सभी जिलों की तरह रुद्रप्रयाग में भी विभिन्न योजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान 108 सेवा में डीपीओ पद पर कार्यरत शुभम चौहान विकास भवन पहुंचे और ग्रामीण निर्माण विभाग में टेंडर दस्तावेज जमा करने लगे। पहले तो उन्होंने अपना परिचय देकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही ठेकेदारों को पता चला कि वह सरकारी सेवा में रहते हुए खुद टेंडर भर रहे हैं, माहौल गरमा गया।

ठेकेदार संगठन के सदस्यों ने उनका विरोध किया और दस्तावेजों का लिफाफा भी अपने कब्जे में ले लिया। जब विवाद बढ़ा तो शुभम चौहान ने सफाई देते हुए कहा कि यह डॉक्यूमेंट उनके दोस्त का है और वह केवल जमा करने आए थे। इसके बाद उन्होंने मौके पर ही दस्तावेज फाड़ दिए। लेकिन ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि यह उनका पुराना तरीका है और पहले भी वह इस तरह की हरकतें कर चुके हैं।

पुलिस बुलानी पड़ी

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को विकास भवन बुलाना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विवाद को शांत कराया और डीपीओ को आगे की कार्यवाही के लिए थाने ले गई।

ठेकेदारों का आरोप

स्थानीय ठेकेदार यूनियन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों में पहले से काम कर रहे लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अवैध रूप से टेंडर हथिया लेते हैं। इससे छोटे और स्थानीय ठेकेदारों को बड़ा नुकसान होता है। यूनियन ने यह भी दावा किया कि संबंधित कर्मचारी पहले भी ठेकेदारों से अभद्रता और धमकी दे चुका है।

ठेकेदारों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पहले से ही कई तरह की गड़बड़ियों और दबाव में चल रही है, ऐसे में सरकारी सेवा में तैनात लोगों का इसमें शामिल होना सीधा भ्रष्टाचार और हितों का टकराव है।

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