देहरादून पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नकली पिस्तौल से केक काटने वाला वीडियो वायरल, तीन युवक हिरासत में
देहरादून: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो पुलिस की नजर में आते ही तीन युवकों की आज़ादी पर भारी पड़ गया। वीडियो में युवक जन्मदिन का केक पिस्तौल से काटते नजर आ रहे थे। पहली नजर में असली लग रही पिस्तौल दरअसल एक लाइटर निकली, लेकिन हथियार जैसी शक्ल वाली इस वस्तु के साथ दिखावा करना युवकों पर भारी पड़ा।
कैसे खुला मामला
कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक युवक अपने जन्मदिन पर पिस्तौल से केक काटता नजर आया। वीडियो तेजी से वायरल होते ही पुलिस की साइबर टीम तक पहुंचा। देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए संबंधित युवकों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जांच में पता चला कि वीडियो हर्रावाला क्षेत्र का है। पुलिस ने वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान की और तीनों को हिरासत में लिया।
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अभिषेक, पुत्र विजेंद्र सिंह, निवासी रेलवे कॉलोनी, हर्रावाला
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अमित कुमार, पुत्र सिकंदर महतो, निवासी मियावाला चौक, हर्रावाला, थाना डोईवाला
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कार्तिक जोशी, पुत्र राकेश चंद्र जोशी, निवासी मियावाला, थाना डोईवाला
पुलिस ने उनकी तलाशी ली तो वीडियो में दिखाई दे रही पिस्तौल भी बरामद कर ली। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह कोई असली हथियार नहीं बल्कि लाइटर पिस्टल है, जिसे युवकों ने बाजार से खरीदा था।
टीआरपी और दिखावे की चाह बनी मुसीबत
पुलिस पूछताछ में युवकों ने बताया कि 8 सितंबर को अभिषेक का जन्मदिन था। सोशल मीडिया पर अलग दिखने और टीआरपी पाने की चाह में उन्होंने नकली पिस्तौल से केक काटने का आइडिया बनाया। उनका इरादा केवल “स्टाइल” दिखाने का था, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद मामला गंभीर हो गया।
पुलिस का संदेश – “दिखावे की शौक से बचें”
देहरादून पुलिस ने इस घटना के जरिए युवाओं को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस का कहना है कि –
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हथियार जैसी वस्तुओं से दिखावा करना समाज में भय और भ्रम फैलाता है।
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ऐसे कृत्य पुलिस एक्ट के तहत अपराध की श्रेणी में आते हैं।
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सोशल मीडिया पर “फॉलोअर्स” या “टीआरपी” के लिए कानून तोड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।