उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे के विकास की रफ्तार तेज होगी, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में यूआईआईडीबी कार्यकारिणी समिति की बैठक
देहरादून: उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे और निवेश से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने के लिए सोमवार को सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की 8वीं कार्यकारिणी समिति बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने की।
बैठक में राज्य में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से शारदा कॉरीडोर, ऋषिकेश कॉरीडोर और हरिद्वार कॉरीडोर परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए इनके कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश कॉरीडोर परियोजनाओं पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि ऋषिकेश के त्रिवेणीघाट परियोजना के तहत गंगा जल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हाइड्रोलॉजीकल अध्ययन कराया जाए और विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर ठोस उपाय किए जाएं।
उन्होंने पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि पर भूमिगत पार्किंग, हरित पार्क और हेरिटेज फॉरेस्ट वॉक-वे के निर्माण की संभावनाओं पर समीक्षा की और कहा कि इन परियोजनाओं की दीर्घकालिक व्यवहार्यता का समुचित आकलन अनिवार्य है।
मुख्य सचिव ने भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए हरिद्वार-ऋषिकेश रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ऋषिकेश–देहरादून रेलवे लाइन की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रेलवे स्टेशन और उसके आस-पास आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जाए।
उन्होंने ऋषिकेश शहर में बढ़ते यातायात दबाव और भीड़भाड़ को ध्यान में रखते हुए आईएसबीटी और चारधाम यात्रा पंजीकरण केंद्र को उपयुक्त स्थल पर पुनर्स्थापित करने के लिए मंडलायुक्त, पुलिस, जिला प्रशासन, पर्यटन और परिवहन विभाग सहित अन्य हितधारकों से विचार-विमर्श कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
हरिद्वार कॉरीडोर और कुंभ मेला तैयारी
मुख्य सचिव ने हरिद्वार कॉरीडोर परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी कुंभ मेला को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करना अत्यावश्यक है।
उन्होंने हरिद्वार में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर विकसित करने के निर्देश दिए। यह केंद्र मेला नियंत्रण कक्ष के पास स्थापित किया जाएगा और इसमें पुलिस, मेलाधिकारी और जिला प्रशासन की आवश्यकताओं के अनुसार तकनीकी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।
मुख्य सचिव ने घाटों के विस्तार, पार्किंग, रोपवे, पैदल मार्ग, नागरिक सुविधाओं, सार्वजनिक प्रसारण व्यवस्था जैसी योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के आदेश दिए। उन्होंने चंडीघाट में सांस्कृतिक केंद्र और मल्टी-मॉडल टूरिज्म हब की महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने पर विशेष बल दिया।
अन्य परियोजनाएं और योजनाएं
बैठक में देहरादून स्थित यमुना कॉलोनी के पुनर्विकास, ग्रीनफील्ड शहरों के विकास और यूआईआईडीबी की अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए ठोस और दूरदर्शी प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं।
बैठक में रहे उपस्थित
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. वी. षणमुगम, युगल किशोर पंत, सीसीएफ डॉ. पराग मधुकर धकाते, रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, मेलाधिकारी सोनिका, अपर सचिव अभिषेक रूहेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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