टोंस नदी में जुगाड़ ट्रॉली से गिरी किशोरी, एसडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन जारी – ग्रामीणों की मजबूरी बनी जानलेवा झूला गरारी
उत्तरकाशी: देहरादून जिले के दूरस्थ त्यूणी थाना क्षेत्र से सटे उत्तरकाशी के सवाली क्यारी गांव में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। यहां टोंस नदी को पार करने के लिए बनी अस्थायी झूला गरारी (जुगाड़ ट्रॉली) से गुजर रही 16 वर्षीय शबीना पुत्री यासीन निवासी बंखवाड़ नदी में गिर गई। हादसे के बाद से एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
कैसे हुआ हादसा?
थाना त्यूणी प्रभारी विनय मित्तल ने बताया कि सोमवार सुबह शबीना अपनी बहन के साथ झूला गरारी के जरिए नदी पार कर रही थी। इस दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरी धारा में गिर गई। सूचना पर पुलिस व एसडीआरएफ मौके पर पहुंचे और तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया। देर शाम तक खोजबीन के बावजूद किशोरी का पता नहीं चल पाया।

ग्रामीणों की मजबूरी बनी झूला गरारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से टोंस नदी पार करने के लिए कोई पक्का पुल नहीं है। ग्रामीणों को मजबूरी में झूला गरारी का सहारा लेना पड़ता है। यह न केवल बेहद जोखिम भरा साधन है बल्कि हादसों का सबब भी बनता रहा है। देहरादून और उत्तरकाशी की सीमा से लगे गांवों के लोग रोजाना इसी तरह नदी पार करते हैं। शबीना के साथ हुआ हादसा इसी जोखिम की बानगी है।
प्रशासन की चुनौती
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों को जोड़ने के लिए स्थायी पुल और सुरक्षित रास्ते जल्द से जल्द बनाए जाएं। फिलहाल एसडीआरएफ की टीम नदी के किनारे-किनारे तलाशी अभियान चला रही है।
रुद्रप्रयाग आपदा: छेनागाड़ में लापता लोगों की तलाश जारी
इधर, रुद्रप्रयाग आपदा प्रभावित छेनागाड़ क्षेत्र में लापता लोगों की खोज के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस और आपदा प्रबंधन दलों का संयुक्त अभियान लगातार जारी है।
राहत-बचाव तेज
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जेसीबी मशीनें लगाकर मलबे के बीच दबे हिस्सों की गहन छानबीन की जा रही है।
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बड़े-बड़े बोल्डरों और चट्टानों को हटाने का काम तेज किया गया है।
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अब तक कई दबे हुए दुकानों से सामग्री बरामद हुई है, लेकिन कोई शव बरामद नहीं हुआ है।