केंद्रीय टीम ने धराली में आपदा प्रभावितों से की मुलाकात, नुकसान का किया आकलन

राज्य ने केंद्र से मांगी 5702 करोड़ की मदद – सभी आपदा प्रभावित जिलों का होगा स्थलीय निरीक्षण

देहरादून/उत्तरकाशी। मानसूनी आपदाओं से बेहाल उत्तराखंड में अब राहत और पुनर्निर्माण की उम्मीदें केंद्र सरकार की ओर टिकी हैं। इन्हीं हालातों का जायजा लेने के लिए दिल्ली से आई अंतर-मंत्रालयीय केंद्रीय टीम सोमवार को उत्तरकाशी जिले के धराली पहुंची। टीम ने यहां आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी आपबीती सुनी और हुए भारी नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया।

केंद्रीय टीम का नेतृत्व और उद्देश्य

इस टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आर. प्रसन्ना कर रहे हैं। उनके साथ छह सदस्यीय दल आज सुबह दून पहुंचा था। राज्य आपदा परिचालन केंद्र में आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने टीम को विस्तृत प्रस्तुति दी और आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया।
इसके बाद टीम ने राज्य अधिकारियों के साथ मिलकर उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग का रुख किया। आने वाले दिनों में यह दल चमोली, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे जिलों का भी दौरा करेगा।

धराली में सुनी पीड़ितों की पीड़ा

धराली में 5 अक्टूबर को खीर गंगा ने भारी तबाही मचाई थी। टीम के सामने आपदा पीड़ितों ने बताया कि किस तरह कुछ ही मिनटों में उनका सबकुछ उजड़ गया। घर, दुकानें और होटल मलबे में समा गए और लोग जिंदा दफन हो गए।
केंद्रीय प्रतिनिधियों ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और स्थानीय प्रशासन से नुकसान का विस्तृत ब्यौरा लिया।

अन्य आपदा क्षेत्रों का भी निरीक्षण

केंद्रीय दल का दौरा सिर्फ धराली-थराली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर्षिल, गंगोत्री और स्याना चट्टी सहित उन सभी इलाकों तक होगा जहां लोगों को जन-धन की क्षति उठानी पड़ी है। टीम इन सभी स्थानों पर जाकर नुकसान का आकलन करेगी और रिपोर्ट तैयार करेगी।

राज्य ने भेजा 5702 करोड़ का प्रस्ताव

गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार पहले ही केंद्र से 5702 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद का प्रस्ताव भेज चुकी है। केंद्रीय टीम का यह दौरा उसी प्रस्ताव के मद्देनज़र बेहद अहम माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, यह दल कल शाम तक स्थलीय निरीक्षण कर दिल्ली लौट जाएगा। इसके बाद गृह मंत्रालय की एक और टीम राज्य का दौरा करेगी और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि उत्तराखंड को कितनी सहायता राशि दी जाएगी।

प्रभावितों में उम्मीद

धराली और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने केंद्रीय टीम के सामने अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों का कहना है कि उनका सबकुछ तबाह हो गया है और अब उनकी उम्मीदें सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद और पुनर्वास योजनाओं पर टिकी हैं।

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