“CBI अधिकारी बनकर डॉक्टर दंपती को बनाया बंधक: नकदी नहीं मिली तो दी जान से मारने की धमकी”

▪︎ किच्छा में नकली अधिकारी की दुस्साहसिक वारदात
▪︎ दो घंटे तक डॉक्टर और उनकी पत्नी को बनाया ‘होम अरेस्ट’
▪︎ पुलिस के हाथ लगे CCTV फुटेज, गिरफ्तारी के लिए गठित हुई विशेष टीम


किच्छा (उधमसिंह नगर), उत्तराखंड 

उत्तराखंड के शांत और अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले इलाके किच्छा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक ठग ने खुद को CBI अधिकारी बताकर एक होम्योपैथिक डॉक्टर दंपती को उनके क्लिनिक और घर में बंधक बना लिया। दो घंटे तक उन्हें धमकाया गया, तलाशी ली गई, और नकदी की मांग पूरी न होने पर जान से मारने की धमकी दी गई।

यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अपराधी अब किस हद तक दुस्साहस कर सकते हैं।


कैसे हुई वारदात की शुरुआत

घटना बुधवार दोपहर की है। आवास विकास कॉलोनी, किच्छा निवासी होम्योपैथिक डॉक्टर डॉ. गौरांग मोहपात्रा रोज़ की तरह अपने क्लिनिक में मरीज देख रहे थे।
करीब 2 बजे, एक व्यक्ति सूट-बूट में उनके क्लिनिक पहुंचा और खुद को CBI अधिकारी बताते हुए अंदर दाखिल हुआ।
उसने डॉक्टर को अपना कोई फर्जी परिचय पत्र दिखाया और तुरंत ही डॉक्टर व उनकी पत्नी के मोबाइल फोन जब्त कर लिए, जिससे वे किसी से संपर्क न कर सकें।


“पैसे दो, वरना गोली मार दूंगा” — नकली अधिकारी की धमकी

डॉक्टर दंपती से नकदी की मांग की गई। जब उन्होंने बताया कि घर और क्लिनिक में कोई बड़ी नकदी नहीं रखी गई है, तो आरोपी भड़क उठा
उसने गुस्से में डॉक्टर और उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी और पूरा क्लिनिक व घर खंगाल डाला
हालांकि उसे कुछ भी मूल्यवान नहीं मिला। इसके बाद आरोपी ने कहा कि “पैसे का इंतजाम करो, मैं थोड़ी देर में लौटकर आता हूं,” और वहां से फरार हो गया।

डॉक्टर दंपती ने मौका मिलते ही किसी तरह खुद को सुरक्षित किया और तुरंत किच्छा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।


CCTV फुटेज बना सुराग, पुलिस ने जांच तेज की

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के CCTV कैमरों की जांच शुरू की।
एक फुटेज में आरोपी क्लिनिक में बैठा और बातचीत करता दिखाई दे रहा है। इसी के आधार पर पुलिस अब आरोपी की पहचान और लोकेशन ट्रैक करने में जुट गई है।


पुलिस की कार्रवाई: विशेष टीम गठित, सर्विलांस के जरिए खोजबीन

सीओ सितारगंज भूपेंद्र सिंह धौनी ने बताया कि इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है।

“पुलिस की एक विशेष टीम इस केस की गहन जांच कर रही है। सर्विलांस और तकनीकी सहायता से आरोपी की तलाश की जा रही है। बहुत जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और IPC की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी, जबरन बंधक बनाना, और सरकारी अधिकारी बनकर छल करना शामिल है।


सवाल जो उठ रहे हैं

  • क्या आरोपी इससे पहले भी ऐसी घटनाएं कर चुका है?

  • क्या उसके साथ कोई और भी शामिल था?

  • क्या कोई सुरक्षा खामी है जिससे इस तरह के फर्जी अधिकारी आसानी से लोगों को धमका सकते हैं?


समाज के लिए चेतावनी

यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है। कोई भी “अधिकारी” बनकर जबरदस्ती पूछताछ करता है या तलाशी लेता है, तो उससे सत्यापन की मांग जरूर करें
CBI, पुलिस या किसी भी जांच एजेंसी के पास उचित पहचान पत्र, गिरफ्तारी या तलाशी वारंट होना आवश्यक होता है।
संदेह होने पर तुरंत 100 या 112 पर कॉल करें।

किच्छा की यह घटना साबित करती है कि अपराधी अब पुलिस या जांच एजेंसियों की नकाब में वारदात को अंजाम देने से भी नहीं हिचकते।
डॉक्टर दंपती की सूझबूझ और तत्परता से बड़ी अनहोनी टली, लेकिन यह सवाल ज़रूर रह जाता है —
क्या पुलिस ऐसे अपराधियों पर जल्दी शिकंजा कस सकेगी, या इस तरह की घटनाएं आम बन जाएंगी?

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