उत्तराखंड विधानसभा सत्र में हंगामा, धामी सरकार ने 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया

भराड़ीसैंण में मंगलवार से शुरू हुए उत्तराखंड विधानसभा के चार दिवसीय मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे और तीखी नोकझोंक के नाम रहा। सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और विपक्ष के भारी शोर-शराबे के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन पटल पर रखा। इसके साथ ही कुल 9 विधेयक भी पेश किए गए। हंगामे के चलते कार्यवाही को शाम तक सात बार स्थगित करना पड़ा और अंततः सदन बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

सुरक्षा के सख्त इंतजाम

मानसून सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में धारा 163 लागू की गई। किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए 804 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

विपक्ष का हंगामा और तोड़फोड़

सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरने के लिए हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी नेताओं ने कानून व्यवस्था और पंचायत चुनाव को लेकर नारेबाजी की।

  • सचिव की टेबल पलटी, माइक और टेबलेट तोड़े गए।

  • कार्यसूची फाड़ी गई और सदन में उछाली गई।

  • कांग्रेस विधायकों ने वेल में धरना भी दिया।

विधानसभा अध्यक्ष ने इसे बेहद दुखद और असंवैधानिक बताया।

पेश हुए ये 9 अहम विधेयक

  1. उत्तराखंड विनियोग 2025-26 का अनुपूरक विधेयक

  2. बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939 संशोधन विधेयक

  3. धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध प्रतिषेध संशोधन विधेयक

  4. निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक

  5. साक्षी संरक्षण निरसन विधेयक

  6. अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक

  7. समान नागरिक संहिता (यूसीसी) उत्तराखंड संशोधन विधेयक

  8. पंचायती राज संशोधन विधेयक

  9. लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक

दिवंगत पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि

सत्र की शुरुआत में दिवंगत पूर्व विधायक मुन्नी देवी शाह को श्रद्धांजलि दी गई। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत और सौरभ बहुगुणा ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

सीएम धामी का पलटवार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा –

“सदन जनता के मुद्दों पर बहस और समाधान का स्थान है, लेकिन विपक्ष ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाकर लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई है। पंचायत चुनावों में भाजपा की भारी जीत से विपक्ष हताश है। जनता सब देख रही है।”

सीएम ने आगे कहा कि भाजपा ने पंचायत से लेकर लोकसभा तक जनता का विश्वास जीता है और विपक्ष हमेशा हार का ठीकरा ईवीएम, चुनाव आयोग या सरकार पर फोड़ता है।

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