धामी ने विभाजन स्मृति स्थल का किया शिलान्यास, बलिदानियों को किया नमन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर ऊधमसिंहनगर के काशीपुर में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने विभाजन स्मृति स्मारक स्थल का शिलान्यास किया और विभाजन का दंश झेलने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 अगस्त 1947 का दिन भारत के इतिहास का वह काला अध्याय है जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मजहब के नाम पर हुए विभाजन ने देश को दो हिस्सों में बाँट दिया, जिससे करोड़ों लोग अपने घर-परिवार, खेत-खलिहान और रोज़गार से बेघर होकर शरणार्थी बनने को मजबूर हुए। उस दौर की पीड़ा और भय आज भी विभाजन पीड़ितों की स्मृतियों में ताजा है।

उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के लिए यह समझना कठिन है कि उस समय स्वतंत्रता के साथ-साथ लोगों ने कैसी अकल्पनीय यातनाएँ और संघर्ष सहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2021 में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस के रूप में मनाने का निर्णय इसी उद्देश्य से लिया गया, ताकि आने वाली पीढ़ियां उन त्यागों और बलिदानों को कभी न भूलें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन केवल भूगोल का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह लाखों लोगों की सांस्कृतिक पहचान और जीवन का विभाजन था। इतिहास में इतने बड़े पैमाने पर मानव विस्थापन का भयावह उदाहरण पहले नहीं देखा गया। फिर भी, जिन्होंने इस त्रासदी को झेला, उन्होंने अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अटूट विश्वास बनाए रखा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहे देश के सांस्कृतिक और विकासात्मक कार्यों का उल्लेख किया— अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम का पुनर्निर्माण, बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और करतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण को सांस्कृतिक पुनर्जागरण की मिसाल बताया। उन्होंने धारा 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक की समाप्ति, सीएए, वक्फ संशोधन कानून और 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय जैसे निर्णयों को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की दिशा में बड़े कदम बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। केदारखंड की तरह मानसखंड के मंदिरों के सौंदर्यीकरण, काशीपुर के चैती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर में शामिल करने और गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किमी रोपवे के निर्माण का जिक्र किया। उन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने, नकल विरोधी कानून के सफल परिणाम, धर्मांतरण और दंगा विरोधी कानूनों के लागू होने, तथा 7,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने को राज्य की बड़ी उपलब्धियाँ बताया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट, मेयर दीपक बाली, मेयर वंदना शर्मा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, स्वामी हरि चैतन्य जी महाराज, अजय मौर्य सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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