हरिद्वार में नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की कोशिश के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को पकड़ लिया है। दोनों आरोपी नाबालिग पाए गए हैं, जिन्हें कानून के तहत संरक्षण में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। इस मामले का मुख्य आरोपी अरविन्द पहले ही पुलिस गिरफ्त में आ चुका है और जेल भेजा जा चुका है।
घटना 9 अगस्त की है, जब धनपुरा पथरी निवासी एक व्यक्ति ने थाना पथरी में शिकायत दर्ज कराई। तहरीर के मुताबिक, शिकायतकर्ता की नाबालिग बेटी को उसी गांव के अरविन्द और उसके दो साथियों ने एंकर फैक्ट्री के पास बने सुनसान मकान में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने पीड़िता को मकान की छत से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी जान जा सकती थी।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने पोक्सो एक्ट और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। 10 अगस्त को पुलिस ने मुख्य आरोपी अरविन्द को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था।
घटना के बाद से फरार चल रहे दोनों नाबालिग आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। मंगलवार सुबह पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया और उन्हें संरक्षण में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता की सुरक्षा और मेडिकल उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, वहीं मामले की जांच तेज गति से आगे बढ़ रही है ताकि सभी दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।