ऋषिकेश में गंगा उफानी, त्रिवेणी घाट डूबा

ऋषिकेश, उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। विशेष रूप से ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे त्रिवेणी घाट, परमार्थ निकेतन और अन्य प्रमुख घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि गंगा की लहरें अब शिव प्रतिमा को छूकर गुजर रही हैं, जिससे लोगों के बीच डर और चिंता का माहौल है।


24 घंटे से जारी बारिश, गंगा सहित सभी नदियां उफान पर

पिछले 24 घंटों से उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मूसलधार बारिश जारी है। मौसम विभाग ने पहले ही भारी बारिश की चेतावनी दी थी, जो अब सटीक साबित हो रही है। पहाड़ियों पर लैंडस्लाइड और मैदानों में बाढ़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।

ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा के पास पहुंचने के बाद त्रिवेणी घाट, परमार्थ निकेतन का घाट, शिवाजी नगर, चंद्रेश्वर नगर, मनसा देवी क्षेत्र पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं।


डूब गया परमार्थ निकेतन का आरती घाट

विश्व प्रसिद्ध परमार्थ निकेतन का आरती घाट पूरी तरह डूब गया है। वहां की शिव प्रतिमा, जो सामान्य दिनों में कई फीट ऊपर होती है, अब गंगा की लहरें उसे छू रही हैं। 2013 की आपदा के बाद एक बार फिर वैसी ही भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं।


त्रिवेणी घाट पर रोकी गई आरती, स्नान पर रोक

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट की हालत भी चिंताजनक है। घाट पूरी तरह डूब चुका है। प्रशासन ने यहां स्नान पर रोक लगा दी है और गंगा आरती को दूसरी सुरक्षित जगह पर आयोजित किया जा रहा है।


चंद्रभागा और बीन नदी भी उफान पर

गंगा के अलावा चंद्रभागा और बीन नदी भी उफान पर हैं। बीन नदी के उफान के कारण यमकेश्वर ब्लॉक से ऋषिकेश का संपर्क बाधित हो गया है। पुलिस और प्रशासन ट्रैक्टरों से लोगों को नदी पार करवा रहे हैं। छोटे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।


पुलिस ने की मुनादी, लोगों से सावधानी बरतने की अपील

ऋषिकेश पुलिस ने चंद्रभागा नदी किनारे के इलाकों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया है और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सहायता लेने की सलाह दी है।

लोगों के घरों में घुसा पानी, सोशल मीडिया पर दिखा रहे हाल

शहर के कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस चुका है। घरों में रखा सामान खराब हो गया है। लोग वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर सरकार को टैग कर मदद की गुहार लगा रहे हैं।

प्रशासन अलर्ट, सफाई और राहत कार्य जारी

प्रशासन JCB मशीनों से सड़कों पर आया मलबा हटाने में जुटा हुआ है। गढ़वाल के सभी संवेदनशील इलाकों में प्रशासन और आपदा राहत टीमें तैनात हैं। लोगों को पहाड़ी मार्गों से यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

ऋषिकेश में गंगा का रौद्र रूप लोगों को डरा रहा है। शहर के घाट जलमग्न हो चुके हैं और बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। प्रशासन की तत्परता से राहत कार्य जारी हैं, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अगले 24 घंटे और भी खतरनाक हो सकते हैं।

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