धामी कैबिनेट के अहम फैसले: वृद्धावस्था पेंशन में बड़ा संशोधन, जियो थर्मल नीति समेत 6 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को देहरादून स्थित सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए गए। बैठक में कुल 6 प्रमुख प्रस्तावों पर मुहर लगी, जो राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सामाजिक कल्याण, ऊर्जा और खनन नीति से जुड़े हैं। इन फैसलों से न केवल सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को भी सीधा लाभ पहुंचेगा।

 कैबिनेट के प्रमुख फैसलों का विस्तृत विवरण

1 वृद्धावस्था पेंशन में बड़ा संशोधन:

अब पुत्र के 18 वर्ष के होने पर वृद्धावस्था पेंशन नहीं रुकेगी
पहले की नीति के अनुसार, जैसे ही लाभार्थी का पुत्र 18 साल का होता था, वृद्धावस्था पेंशन स्वतः बंद कर दी जाती थी। इस व्यवस्था को अमानवीय और वास्तविकता से परे मानते हुए सरकार ने अब इसमें संशोधन कर दिया है। यह फैसला राज्य के हजारों वृद्धजन लाभार्थियों के लिए राहतभरा साबित होगा।

2 जियो थर्मल ऊर्जा नीति को मंजूरी:

राज्य में भू-तापीय (Geothermal) ऊर्जा के दोहन के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई है। यह कदम उत्तराखंड को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल माना जा रहा है। पिथौरागढ़ और चमोली जैसे जिलों में जियो थर्मल पॉइंट्स की पहचान पहले ही हो चुकी है।

3-  पुलों की क्षमता बढ़ाने के लिए Project Management Unit (PMU) को स्वीकृति:

राज्य में बने पुलों की क्षमता को बढ़ाने और समयबद्ध मरम्मत कार्य के लिए एक विशेष प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट गठित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इससे राज्य के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।

4- सतर्कता विभाग को और सशक्त किया गया:

सतर्कता विभाग में 20 नए पदों का सृजन कर दिया गया है, जिससे अब विभागीय कुल पदों की संख्या 132 से बढ़कर 156 हो गई है। यह निर्णय राज्य में भ्रष्टाचार पर निगरानी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

5- जीएसटी विभाग में भी ढांचे का विस्तार:

कैबिनेट ने वाणिज्य कर (GST) विभाग में नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी है, ताकि कर संग्रह और निरीक्षण प्रक्रिया को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाया जा सके। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

6- खनन ट्रस्ट के गठन को मंजूरी:

अब नए खनिज क्षेत्रों में कार्य को अधिक पारदर्शी और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने के लिए जिला और राज्य स्तर पर ‘खनन न्यास (Mining Trust)’ बनाए जाएंगे। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

कैबिनेट के ये फैसले उत्तराखंड सरकार की विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। खासकर वृद्धावस्था पेंशन से जुड़ा संशोधन सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और मानवीय निर्णय माना जा रहा है।

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