हर विभाग पेश करे अपनी ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’: मुख्य सचिव ने सचिवों को दिए निर्देश

देहरादून, सचिवालय: राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावशाली, पारदर्शी और नवाचारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सचिवालय सभागार में आयोजित सचिव स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सभी विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में किए गए नवाचारों और सफल कार्यों की ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ यानी “श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों” का संकलन एवं प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि बेस्ट प्रैक्टिसेज में वे सभी कार्य शामिल किए जाएं जो या तो अभूतपूर्व हों, किसी अन्य राज्य में न किए गए हों, अथवा पारंपरिक ढांचे से अलग और परिणामकारी साबित हुए हों। यह पहल न केवल विभागीय कार्यों को राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिला सकती है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में कार्य कर सकती है।

प्रेरणादायक कहानियों का संकलन

मुख्य सचिव ने सचिवों से उनके विभागों में चल रहे उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी ली और उन्हें निर्देश दिया कि प्रत्येक सफल प्रयास, चाहे वह संस्थागत स्तर पर हो या किसी अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर किया गया हो, उसका एक समग्र प्रेजेंटेशन तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की सफलता की कहानियाँ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और शासन व्यवस्था को सशक्त बनाने में मददगार सिद्ध होंगी।

इन विभागों में नवाचार की अधिक संभावनाएं

उन्होंने विशेष रूप से आईटी, कृषि, उद्यान, बाल विकास, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, सहकारिता, पशुपालन, वन, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, और आयुष विभागों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार की संभावनाएं अधिक हैं और यहां की बेस्ट प्रैक्टिसेज राज्य के लिए मार्गदर्शक बन सकती हैं।

ऑनलाइन सिस्टम को मिले प्राथमिकता

बैठक में मुख्य सचिव ने यह भी निर्देशित किया कि सभी विभाग अपनी कार्यप्रणाली को अधिकतम संभव हद तक ऑनलाइन माध्यम से संचालित करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल प्रक्रियाएं पारदर्शी और सुगम होंगी, बल्कि आम जनता को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ तेजी से मिलेगा। यह एक खुली, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन व्यवस्था की दिशा में प्रभावशाली कदम होगा।

वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें

मुख्य सचिव ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 के सख्त अनुपालन पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने संबंधित सचिवों और सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कानून का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करें ताकि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की ज्ञान व अनुभव की पूंजी हैं और उनका सशक्तिकरण एक जिम्मेदारी है।

बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल एल फैनई, प्रदीप पंत, सचिव अमित सिन्हा, नीतेश कुमार झा, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. श्रीधर बाबू आद्यंकी, चंद्रेश यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, दीपेंद्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान और धीरज सिंह गब्बर्याल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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