“सरकारी मामलों की प्रभावी पैरवी हेतु बनेगा समन्वय तंत्र: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उच्चाधिकारियों और सरकारी अधिवक्ताओं संग की अहम बैठक”

देहरादून, 28 जून 2025 राज्य सरकार ने माननीय न्यायालयों में लंबित सरकारी मामलों की प्रभावी, त्वरित और सुनियोजित पैरवी के लिए ठोस पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य के सरकारी अधिवक्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार, विभागों और अधिवक्ताओं के बीच समन्वय को मजबूत करना था, जिससे न्यायालयों में चल रहे मामलों का समाधान कम समय में, प्रभावशाली तरीके से किया जा सके।

नोडल अधिकारियों की होगी नियुक्ति

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन विभागों के अधिकतम मामले न्यायालयों में लंबित हैं, उन विभागों में, शासन स्तर पर और अधिवक्ताओं के बीच नोडल अधिकारी नामित किए जाएं। यह कदम इस दृष्टि से उठाया जा रहा है कि किसी भी मामले में जानकारी के लिए यह स्पष्ट हो कि किससे संपर्क करना है, जिससे अनावश्यक भ्रम और देरी से बचा जा सके।

उन्होंने कहा कि ये नोडल अधिकारी संबंधित मामलों की निरंतर अपडेट जानकारी रखें और अधिवक्ताओं से संवाद बनाए रखें, ताकि मजबूत और सुसंगत पैरवी सुनिश्चित हो सके।

समन्वय के लिए विकसित होगा तंत्र और तकनीक

मुख्य सचिव श्री बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक ऐसा मैकेनिज्म या सिस्टम तैयार किया जाए जिससे विभागों और अधिवक्ताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने सुझाव दिया कि एक ऐप या सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए, जिससे:

  • सभी लंबित मामलों की स्थिति रीयल टाइम में उपलब्ध हो

  • फाइलिंग की तारीखें, सुनवाई की स्थिति और अधिवक्ताओं की रिपोर्ट्स रिकॉर्ड में रहें

  • विभागों के संबंधित अधिकारी और अधिवक्ता एक साझा मंच पर संवाद कर सकें

मामलों में देरी रोकेगा विभाग का सही निर्धारण

बैठक में एक महत्वपूर्ण पहलू पर भी चर्चा की गई— कि कई बार किसी मामले में गलत विभाग को पक्षकार बना दिया जाता है, जिससे मामला अनावश्यक रूप से लटकता है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर मामले में सही विभाग की पहचान सुनिश्चित की जाए ताकि न्यायालय में सरकार का पक्ष सटीक और समयबद्ध रूप से प्रस्तुत किया जा सके।

प्राथमिकता के मामलों में हो प्रभावशाली पैरवी

उन्होंने स्पष्ट कहा कि महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों में मजबूत, तथ्यात्मक और रणनीतिक पैरवी की आवश्यकता है, जिससे सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से सामने आ सके और मामलों का शीघ्र निस्तारण हो।

बैठक में उपस्थित रहे शीर्ष अधिकारी और अधिवक्ता

इस उच्चस्तरीय बैठक में शासन और न्यायिक क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे:

  •  आर.के. सुधांशु – प्रमुख सचिव

  •  प्रदीप पंत – प्रमुख सचिव, न्याय

  •  शैलेश बगौली – सचिव

  • डॉ. वी. मुरुगेशन – एडीजी

  •  ए.पी. अंशुमान, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत सिन्हा, श्री युगल किशोर पंत – सचिव स्तर के अधिकारी

  • राज्य के सरकारी अधिवक्ता एवं कानूनी सलाहकार


निष्कर्ष:
राज्य सरकार अब सरकारी मुकदमों की पैरवी में पेशेवर दक्षता, तकनीकी सहयोग और स्पष्ट संवाद व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने को तत्पर है। यह पहल सरकार की न्यायिक जवाबदेही को और मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

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