“निर्माण कार्यों में देरी पर कोई रियायत नहीं: उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कार्यदायी संस्थाओं को दी सख्त चेतावनी”
देहरादून, 28 जून 2025
उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य में उच्च शिक्षा के अधीन निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति और अनियमितताओं को लेकर कार्यदायी संस्थाओं को दो टूक चेतावनी दी है। मंत्री ने कहा कि जो संस्थाएं समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं करेंगी, गुणवत्ता से समझौता करेंगी या समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) प्रस्तुत नहीं करेंगी, उन्हें भविष्य में कोई भी नया कार्य नहीं सौंपा जाएगा। साथ ही, ऐसी संस्थाओं पर आर्थिक दंड (पैनल्टी) भी लगाया जाएगा।
पीएम-उषा और SASCI परियोजनाओं की समीक्षा बैठक
विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्च शिक्षा अभियान) और स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर (SASCI) योजना के तहत प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न राज्य निर्माण एजेंसियों — ब्रीडकुल, मंडी समिति, पेयजल निर्माण निगम, ग्रामीण निर्माण विभाग (RWD) — के प्रतिनिधियों से साफ शब्दों में जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया।
डॉ. रावत ने कहा कि, “केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित योजनाओं की किस्तें तभी समय पर मिल सकती हैं, जब हम नियत समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजें। यदि कार्यदायी संस्थाएं ढिलाई करेंगी तो नुकसान छात्रों और संस्थानों को भुगतना पड़ेगा। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
करोड़ों की परियोजनाओं पर काम जारी
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की SASCI योजना के तहत राज्य को ₹100 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है, जिससे 18 से अधिक राजकीय महाविद्यालयों में परीक्षा भवनों का निर्माण किया जा रहा है। पूर्व वर्षों में राज्य के 20 कॉलेजों में छात्रावास और आईटी लैब हेतु ₹128 करोड़ स्वीकृत हुए थे, जिनके कार्य सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं।
पीएम-उषा योजना के तहत 160 करोड़ की परियोजनाएँ
पीएम-उषा योजना के अंतर्गत उत्तराखंड को कुल ₹160 करोड़ की राशि विभिन्न संस्थानों के लिए प्राप्त हुई है:
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कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल – ₹100 करोड़
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दून विश्वविद्यालय – ₹20 करोड़
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राजकीय महाविद्यालय, रुद्रपुर व बनास पैठाणी – ₹10-10 करोड़
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खिर्सू, पाटी (चंपावत), रानीखेत (अल्मोड़ा), कर्णप्रयाग – ₹5-5 करोड़
इस धनराशि से संकाय भवन, छात्रावास, ऑडिटोरियम, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय भवन जैसी अवसंरचनाएं निर्मित की जा रही हैं।
राज्य सेक्टर से भी 96 करोड़ की परियोजनाएं
राज्य सरकार की योजनाओं के तहत ₹96 करोड़ की धनराशि से राजकीय महाविद्यालयों में भवन, कक्षा-कक्ष, छात्रावास, संकाय भवन एवं अन्य अधोसंरचनात्मक कार्य प्रगति पर हैं।
मंत्री की चेतावनी: पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं
डॉ. रावत ने साफ कहा कि कार्यदायी संस्थाएं अगर निर्माण में गुणवत्ता से समझौता, काम में देरी या UC प्रस्तुत नहीं करतीं, तो उनके भविष्य के सभी कार्य निरस्त किए जाएंगे। साथ ही, अनुबंध की शर्तों के अनुसार वित्तीय पेनल्टी भी लगेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं करेगा।
समीक्षा बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद
इस समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा विभाग और निर्माण एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे:
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रणजीत सिन्हा – सचिव, उच्च शिक्षा
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प्रो. के.के. पाण्डे – निदेशक, उच्च शिक्षा
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ब्योमकेश दुबे – उप सचिव
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ए.एस. उनियाल – संयुक्त निदेशक
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मनोज कुमार पाण्डेय – वित्त नियंत्रक, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय
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सूर्य प्रताप सिंह – वित्त नियंत्रक, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय
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शिवानी पाण्डेय – वित्त नियंत्रक, दून विश्वविद्यालय
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गोविंद पाठक, प्रमोद कुमार, दीपक कुमार, शैलेन्द्र सिंह – सहायक निदेशकगण
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संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुख प्रतिनिधि