उत्तराखंड में स्टेडियम नाम बदलने पर सियासी संग्राम: कांग्रेस का सरकार पर हमला, आंदोलन की चेतावनी”
देहरादून: उत्तराखंड में स्टेडियमों के नाम बदलने को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य सरकार द्वारा चार प्रमुख स्टेडियमों के नामों में बदलाव किए जाने के फैसले का कांग्रेस ने तीखा विरोध किया है। पार्टी ने इसे “पूर्वाग्रह से ग्रसित निर्णय” बताते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
कांग्रेस संगठन एवं प्रशासन के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार के फैसले की निंदा करते हुए कहा कि यह कदम न केवल राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है, बल्कि इससे देश के महान नेताओं और खिलाड़ियों का अपमान भी हुआ है। धस्माना ने जानकारी दी कि देहरादून के रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज और राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर अब रजत जयंती खेल परिसर कर दिया गया है। इसी तरह हल्द्वानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का नाम मानसखंड खेल परिसर कर दिया गया है, जबकि हरिद्वार स्थित वंदना कटारिया खेल स्टेडियम को योगस्थली खेल परिसर के नाम से जाना जाएगा।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को देश के महान नेताओं जैसे राजीव गांधी, इंदिरा गांधी, और खिलाड़ियों जैसे वंदना कटारिया से एलर्जी है, और इसी मानसिकता के तहत यह निर्णय लिया गया है। पार्टी का कहना है कि इस फैसले से न केवल नेताओं की विरासत पर चोट पहुंची है, बल्कि स्थानीय गौरव और खेल प्रतिभाओं के सम्मान को भी ठेस लगी है।
कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराने की योजना बनाई है। साथ ही पार्टी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
राज्य की राजनीति में यह मुद्दा गर्माया हुआ है और आने वाले दिनों में इसके और भी तीव्र होने की संभावना जताई जा रही है।