उत्तराखंड क्रांति दल ने पार्टी कार्यालय में इगास धूमधाम से मनाया।

उक्रांद ने धूमधाम से मनाया इगास.

इगास बग्वाल की दून में भी धूम रही। आम से लेकर खास तक ने पहाड़ की संस्कृति को जीवंत करने वाले इस पर्व को पूरे जोश के साथ मनाया।

दून के तमाम घर रोशनी से जगमगाते रहे और पहाड़ के पारंपरिक व्यंजन पकाए गए। इस दौरान विभिन्न जगह भैलो खेला गया और आतिशबाजी की गई। सभी ने एक-दूसरे को इगास की शुभकामनाएं दीं।

लोग खुशी में झूमते हुए गा रहे थे, भैलो रे भैलो, सुख करी भैलो, धर्म को द्वारी, भैलो धर्म की खोली, भैलो जै-जस करी सूना का संगाड़। भैलो भै भैलो…. रूपा को द्वार दे भैलो, खरक दे गौड़ी-भैंस्यों को भैलो, खोड़ दे बाखर्यों को भैलो। हर्रों-तर्यों करी, भैलो।

UKD ने धूमधाम से मनाई इगासः उत्तराखंड क्रांति दल ने पार्टी कार्यालय में बूढ़ी दिवाली धूमधाम से मनाई. इस दौरान कार्यक्रम का आयोजन देहरादून महानगर इकाई की तरफ से किया गया था,

जिसमें अध्यक्ष दीपक रावत और कार्यकारी अध्यक्ष महानगर किरण रावत कश्यप शामिल हुए. यूकेडी नेताओं का कहना है कि उत्तराखंड का लोक पर्व इगास बग्वाल की मान्यता है कि भगवान श्री रामचंद्र जी लंका जीतकर अयोध्या वापस आए और उनके आने पर दीपावली पर्व मनाया जाता है.

लेकिन श्रीराम की वापसी की सूचना उत्तराखंड के पहाड़ी भूभाग में 11 दिन बाद पता चली. इसलिए दीपावली के 11 दिन आज बूढ़ी दिवाली मनाई जाती है…

राज्य आंदोलनकारियों ने भी मनाया इगास

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच और इष्ट देव सेवा समिति के तत्वावधान में शहीद स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य आंदोलनकारी महिलाएं अपने घर से पूरी, स्वाले और दाल की पकौड़ी बनाकर लाई थीं।

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