मंत्री- विधायकों को धमका चुका है राहुल गांधी को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला

इंदौर। इंदौर में जगह-जगह बम विस्फोट, राहुल गांधी व कमल नाथ को मारने की धमकी देने वाला आरोपित पहले भी मंत्री-विधायकों को धमका चुका है। शहर के साथ-साथ वह नाम भी बदल लेता था। धमकी भरे पत्र में जिसके नाम-नंबर लिखे, उससे पांच हजार रुपयों का लेनदेन था। आरोपित गुरुद्वारों में ही रहता है। प्रकाश पर्व पर खालसा कालेज भी गया था। उस वक्त कीर्तनकर मनप्रीत सिंह कानपुरी ने कमल नाथ का विरोध किया था। डीपीसी जोन-चार आरके सिंह के मुताबिक पत्र लिखने वाले आरोपित का नाम एश सिंह ग्राम (बैतूल) है।उसे नागदा पुलिस की मदद से एक ढाबे से गिरफ्तार किया है। उसने 16 नवम्बर को गुजरात स्वीट्स पर धमकी भरा पत्र भेजा था, जिसमें इंदौर में जगह-जगह बम धमाके और राहुल गांधी-कमल नाथ को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। पुलिस ने मिठाई व्यवसायी अजय जैन प्रेमचंद जैन की शिकायत पर केस दर्ज किया था। दस टीमें इंदौर, उज्जैन, नागदा औररतलाम सहित 15 शहरों में छानबीन कर रही थी।

पूछताछ में पहले उसने बताया कि उसका नाम नरेन्द्र सिंह पुत्र कल्याण सिंह निवासी छोटा घोसियाना मलिकमऊ रोड रायबरेली है। एशसिंह का परविार कांग्रेस समर्थक था, लेकिन बाद में मानसिकता बदल गई। उसने बताया कि विष्णुपुरी के रिक्शा चालक ज्ञानसिंह ने पांच हजार रुपये लेने थे। कमल नाथ के विरोध के बाद पत्र लिखने का विचार आया और ज्ञानसिंह के नंबर व नाम लिख दिए। तीन अन्य नंबर भी लिख दिए, ताकि पुलिस उस तक न पहुंच सके। डीसीपी के मुताबिक एश सिंह ने पत्र में ज्ञान सिंह सहित चार लोगों के नंबर और करनाल के अमनदीप का वोटर आइडी कार्ड गाया था। ज्ञान सिंह ने परिचित लाल सिंह पर शक जताया। उसकी काल डिटेल निकाली तो कोटा से युवक के नंबर मिले। उसे हिरासत में लिया तो कहा कि उसके फोन से दयाल सिंह नामक बुजुर्ग  ने काल लगाई थी। दवा उर्फ  दयाल सिंह गुरुद्वारों में ही ठहरता है।

लंगर में खाना खाकर दिन गुजारता है। हुलिया के आधार पर टीम ने नागदा और गुरुद्वारा के सेवादारों को घटना बतार्ठ। यहां पर पता चला कि पुलिस जिसे दयाल सिंह समझ रही है वह प्यारा सिंह हैं। उज्जैन के सेवादार रंजीत सिंह ने कहा कि वह 2017 में भी उसे धमका चुका है। एक विधायक व मंत्री को भी धमकाया था।

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